कल्बे जवाद ने कहा मुद्दत के बाद कश्मीर में अजादारी के जुलूसों की बहाली, मनोज सिन्हा का अदा किया शुक्रिया

जनपत की खबर , 410

लखनऊ। जम्मू और कश्मीर में अजादारी के जुलूसों की बहाली पर सरकार और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का शुक्रिया अदा करते हुए मजलिसे उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना सै. कल्बे जवाद नकवी ने कहा कि लंबी मुद्दत के बाद कश्मीर में अजादारी के जुलूसों की बहाली हुई इसलिए जम्मू और कश्मीर के शियां की जिम्मेदारी बढ़ गयी है। उन्हें चाहिए के शांति पूर्वक तरीके से जुलूसों में शामिल हों और कोई ऐसी बात न करें जिससे जुलूस खतरे में पड़ जायें।

मौलाना ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि जब भी हम उपराज्यपाल से मिले, हमने कश्मीर में अजादारी के जुलूसों की बहाली की मांग की। उन्होंने हमारी मांगों पर विचार किया जिसके लिए हम उनके आभारी हैं। उम्मीद है कि अगर हालात बेहतर रहे तो इंशाअल्लाह आगे अजादारी के सभी जुलूस बहाल किये जायेंगे। मौलाना ने कहा कि हमने उपराज्यपाल जी के सामने जो मांगे रखी थीं उनमे तीन मांगे पूरी हुई है। एक तो ये कि कश्मीर में वक्फ संपत्ति के प्रबंधन के लिए एक वक्फ बोर्ड का गठन किया जाये।
दूसरे जम्मू और कश्मीर में निर्वाचन क्षेत्रों की पुन: हदबंदी हो और तीसरी अजादारी के जुलूसों की बहाली की मांग शामिल थी। उन्होंने हमारी मांगों को गंभीरता से लिया है और अजादारी के जुलूसों को बहाल किया, इंशाअल्लाह हमारी बाकी मांगे भी जल्दी ही पूरी होंगी। मौलाना ने जम्मू और कश्मीर के शियों से अपील करते हुए कहा कि वो अजादारी के जुलूसे के दौरान अपने जज्बात पर काबू रखते हुए शांति पूर्वक तरीके से जुलूस निकले और अजादारी के दुश्मनो से होशियार रहें।

मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने प्रो. ऐनुल हसन बनारसी को मौलाना आजाद राष्ट्रीय विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर बनाये जाने पर भी सरकार और आर.एस.एस प्रमुख मोहन भगत को धन्यवाद दिया। मौलाना ने कहा कि हम जितनी बार भी मोहन भागवत जी से मिले ,उन्होंने हमेशा हमसे कहा कि भारत के महान अल्पसंख्यक विश्वविद्यालयों में शियों का बहुमूल्य प्रतिनिधित्व होना चाहिए। प्रो0 ऐनुल हसन साहब को वाइस चांसलर बनाया जाना इस राह में पहला कदम है। हम इसके लिए सरकार और मोहन भगवत जी के आभारी है।

 

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