धमकी के बाद बढ़ाई गई मंदिरों की सुरक्षा
जनपत की खबर Aug 01, 2021 at 08:00 PM , 443लखनऊ। राजधानी में पकड़े गये आंतकियों को छुड़ाने की मांग को लेकर मिले धमकी भरे पत्र के बाद यूपी पुलिस और एटीएस सक्रिय हो गयी है। रविवार को एटीएस की टीम ने खदरा और त्रिवेणीनगर जाकर जांच पड़ताल की। एटीएस को पत्र पर लगी मोहर के आधार पर पता चला था कि धमकी भरा पत्र त्रिवेणीनगर तृतीय स्थित पोस्ट आफिस से भेजा गया था। इसके बाद एटीएस की एक टीम त्रिवेणीनगर पहुंची जहां दो घंटे तक पड़ताल की और दो दर्जन सीसी टीवी कैमरों की फुटेज को चेक किया गया। एक सीसी टीवी कैमरे में देखा गया कि एक संदिग्ध पोस्ट आफिस से कुछ दूरी पर जाने के बाद वह किसी कैमरे की नजर में नहीं आया। वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर के मंदिरों की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।
वहीं रविवार को एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि सभी जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त रखने के निर्देश दिए गये हैं साथ ही हर भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में भी निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही एलआईयू की टीमें भी सक्रिय हैं। रविवार को हनुमान सेतु मंदिर के अगल-बगल सुरक्षा बढ़ायी गयी है इसके साथ ही मानकामेश्वर मंदिर की सुरक्षा में और सिपाहियों की संख्या बढ़ायी गयी है। वहीं अलीगंज नया व पुराना हनुमान मंदिर के पास भी पुलिस टीमें सक्रिय हैं रविवार को अधिकारियों ने भी दौरा किया।
दरअसल राजधानी के काकोरी व मड़ियांव थाना क्षेत्र से पकड़े गये दो आंतकियों के पास से एटीएस को पुख्ता जानकारी भी मिली थी कि सबसे पहले राजधानी में बड़े धमाके की तैयारी की गयी है। इसके लिए लॉकडाउन के दौरान ही स्थानों को चिन्हित किर लिया गया था, इसमें शहर के प्रमुख मंदिरों को पहले निशाना बनाया जाना था, वहीं आंतकियों की गिरफ्तारी के बाद एटीएस थोड़ा सुकून भले ही महसूस कर रही थी लेकिन बीते शनिवार को आरएसएस कार्यालय और हनुमान मंदिर में एक ऐसा धमकी भरा पत्र भेजा गया जिसमें साफ-साफ लिखा है कि 11 जुलाई को पकड़े गये आंतकी मिनहाज और मुसीरुद्दीन को 14 अगस्त तक रिहा कर दिया जाये नहीं तो बड़े धमाके करते हुए मंदिरों को उड़ा दिया जायेगा।
एक अधिकारी के मुताबिक पोस्टआफिस से चंद कदम दूर स्थित एक घर में लगे कैमरे की फुटेज में गुरुवार और शुक्रवार को टोपी लगाये हुए एक युवक दिखा। उसकी हरकत कुछ संदिग्ध दिखी। उस पर ही शक है कि उसने धमकी भरे पत्र पोस्ट किये है। हालांकि कुछ दूरी तक वह जाते दिखा, फिर आगे सड़क पर दो मोड़ थे। इसके बाद वह नहीं दिखा।
पकड़े गये दोनो आतंकियों से पता चला था कि राजधानी में बड़े स्तर पर सीरियल ब्लास्ट की तैयारी थी। रविवार को एटीएस के अधिकारियों ने बताया कि मंदिर में भेजे गये धमकी भरे पत्र से और तस्वीर साफ हो चुकी है कि 11 जुलाई को गिरफ्तार आंतकियों के कनेक्शन बहुत गहरे हैं, ये अलकायदा के सक्रिय सदस्य हैं। अधिकारियों बताया कि अगर ये दोनो न पकड़े जाते तो अब तक कोई न कोई कांड हो चुका था।
खदरा मदेयगंज पहुंचकर एटीएस टीम ने की जांच
एटीएस की टीम ने रविवार को खदरा मदेयगंज पहुंचकर जांच पड़ताल की लेकिन अभी कोई भी जानकारी साझा करने से इनकार किया गया है। दरअसल हनुमान मंदिर और आरएसएस कार्यलय भेजे गये रजिस्टर्ड डाक भेजे गये पत्र लिखा था कि 14 अगस्त तक दोनों आतंकियों को नहीं छोड़ा गया तो अंजाम बुरा होगा। आतंकियों को ना छोड़ने पर लखनऊ में अलीगंज पुराना हनुमान मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इस धमकी भरे पत्र को भेजने वाले ने अपना नाम जोगिंदर सिंह खदरा लिखा है। पत्र पर पता खदरा मदेयगंज लिखा है।
इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम भी लगा दी गयी है, रविवार को क्राइम ब्रांच की टीम ने दो लोगों को पकड़कर पूछताछ शुरू की है। लेकिन अभी इनसे कोई विशेष जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस के अधिकारियों ने कहा कि कोई निर्दोश न फंसे इसेलिए तथ्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वहीं बम से उड़ाने की धमकी के बाद से मंदिरों में रविवार को भी तलाशी ली गयी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को पत्र मिलने के बाद भी मंदिरों में तलाशी एक बार ली गयी थी, लेकिन रविवार को भी तलाशी इस बात को ध्यान में रखते हुए ली गयी कि कहीं कुछ छुपाकर तो नहीं रखा गया है।
यूपी के बड़े धार्मिक स्थलों में अयोध्या, काशी, मथुरा की भी सुरक्षा व्यवस्था दुरूस्त रखने का निर्देश है। इससे पहले डीजीपी मुकुल गोयल ने भी अयोध्या और काशी का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए और सक्रियता बढ़ाने को कहा था, वहीं लखनऊ के अमोसी एयरपोर्ट के निकट बने एटीएस कार्यालय पहुंचकर भी एटीएस की सक्रियता को परखा था, साथ ही एटीएस आईजी जीके गोस्वामी के साथ बैठक कर आंतकवादी गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए थे।
वहीं एक बार फिर गिरफ्तार आंतकियों से पूछताछ की जायेगी इसके साथ ही वजीरगंज थाना क्षेत्र से आतंकियों के तीन सहयोगियों से भी पूछताछ की जा सकती है, अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मंदिर और आरएसएस कार्यालय में मिले पत्र में जो नाम पता दर्ज है उसको लेकर पूछताछ किया जाना जरूरी है।































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