मोहर्रम के मद्देनजर डी जी पी ऑफिस की तरफ से जारी किए गए दिशानिर्देश पर मौलाना सैफ़ अब्बास ने नाराजगी का इजहार किया

जनपत की खबर , 395

 लखनऊ।

मोहर्रम के संबंध में पुलिस प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइन में प्रशासन की भाषा को लेकर शुरु हुआ विवाद

ड्राफ्ट में भाषा के इस्तेमाल को लेकर शिया समुदाय में रोष

गाइडलाइन में लिखी भाषा से शिया समुदाय की धार्मिक भावनाओ को पहुंची ठेस

गाइड लाइन में मोहर्रम व शिया समुदाय पर सीधे तौर पर लगाए गए इल्ज़ाम

गाइड लाइन को लेकर शिया धर्मगुरुओं ने बुलंद की आवाज़

गाइड लाइन के ड्राफ्ट को तुरंत बदलने की माँग।

मौलाना सैफ अब्बास, मौलाना कल्बे सिब्ते नूरी सहित कई उलेमाओं ने की मांग

मोहर्रम को त्योहार का नाम न दिया जाए-मौलाना सैफ अब्बास

मोहर्रम कोई त्योहार नही ये एक ग़म की अलामत है- सैफ अब्बास

वही मौलाना सिब्तैन नूरी ने भी जारी किया बयान

अगर ड्राफ़्ट को वापस नहीं लिया जाता है तो मोहर्रम के संबंध में होने वाली मीटिंग में मौलाना नहीं लेंगे हिस्सा- सिब्तैन नूरी

मौलाना कल्बे सिब्ते नूरी ने कहा कि अभी मोहर्रम शुरू भी नहीं हुआ और हमारे जज़्बातों से छेड़खानी शुरू कर दी गई।

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