केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का नामित एमएलसी होना तय

जनपत की खबर , 411

लखनऊ । भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बेहद गंभीर है। भाजपा में इन दिनों विधान परिषद में मनोनीत चार पदों पर चयन को लेकर गंभीर मंथन चल रहा है। चार में एक पद पर कांग्रेस से भाजपा में शामिल होने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का नाम तो तय ही है। अन्य तीन लोगों के नाम पर भी शीघ्र ही मुहर लगने की संभावना है। कांग्रेस में लम्बे समय तक मंत्री रहे जितिन प्रसाद के अनुभव का लाभ लेने को भाजपा तैयार भी है। माना जा रहा है कि 2022 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में जितिन प्रसाद को प्रचार में लगाने के लिए उनको विधान परिषद सदस्य के रूप में मनोनीत किया जा सकता है। चार मनोनीत सदस्यों की फाइनल सूची जितिन प्रसाद का नाम सबसे ऊपर है।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ ही भाजपा उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने भी उत्तर प्रदेश में जातीय गणित साधने के लिए जितिन प्रसाद को विधान परिषद सदस्य के रूप में मनोनीत करने को लेकर अपनी मंजूरी दे दी है। संगठन महामंत्री सुनील बंसल के साथ नई दिल्ली में हुई बैठक में नड्डा तथा स्वतंत्र देव की सहमति ली गई जितिन प्रसाद के साथ ही भारतीय जनता पार्टी अब जल्द तीन और नाम की घोषणा कर सकती है। कांग्रेस में जितिन प्रसाद को उत्तर प्रदेश के ब्राह्मण चेहरे के तौर पर देखा जाता था। वह अब भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसी कारण भाजपा विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समिकरण साधने के लिए जितिन प्रसाद को ब्राह्मण चेहरे के तौर पर दिखा सकती है। इसी कारण उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मनोनीत सदस्य के तौर पर उनकी नियुक्ति पर विचार हो रहा है।उत्तर प्रदेश की सौ सदस्यों वाली विधानपरिषद में दस सदस्यों को मनोनीत करके भेजा जाता है। प्रदेश सरकार की सिफारिश पर राज्यपाल इन्हेंं मनोनीत करते हैं। वैसे तो मनोनीत क्षेत्र के सभी सदस्यों को साहित्य, कला, सहकारिता, विज्ञान और समाज सेवा के क्षेत्र से चुना जाना चाहिए, लेकिन पिछले कुछ वर्ष में राजनेताओं को ही मनोनीत करने का चलन शुरू हो गया है। विधान परिषद में फिलहाल भाजपा के 32 सदस्य हैं। अब चार सदस्य बढऩे के साथ सदन में इनकी संख्या 36 हो जाएगी।

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