अंसार गजवातुल हिंद माड्यूल की उत्तर प्रदेश में जड़ें काफी गहरी

जनपत की खबर , 364

लखनऊ । अलकायदा के अंसार गजवातुल हिंद माड्यूल की उत्तर प्रदेश में जड़ें काफी गहरी हो चुकी हैं। आतंकी मिनहाज के लखनऊ से तीन और साथियों की गिरफ्तारी के बाद साफ हो गया है कि वर्तमान में राजधानी इस माड्यूल का बड़ा केंद्र बन चुकी थी। मूलरूप से मुजफ्फरनगर का निवासी मु.मुस्तकीम कई वर्षों से लखनऊ में डेरा जमाए था। अन्य दो आरोपित भी लखनऊ के निवासी हैं। उत्तर प्रदेश आतंक निरोधी दस्ता (यूपी एटीएस) अब इनके अन्य साथियों के बारे में भी छानबीन कर रही है।एटीएस ने लखनऊ बुधवार को पकड़े गए मुस्तकीम, शकील व मुईद का मिनहाज से सामना भी कराया है। अब उनके बैंक खातों की भी पड़ताल कराई जाएगी। दूसरी ओर एटीएस मिनहाज के मोबाइल से डिलीट किए डाटा की रिकवरी कराने का प्रयास कर रही है। मोबाइल से एटीएस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। हालांकि प्रदेश में इस माड्यूल से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब करने की चुनौती भी कम नहीं है। कई संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है, लेकिन संदेह के घेरे में आए कई युवक लापता भी हो गए हैं। उनके मोबाइल फोन भी बंद हो गए हैं।एटीएस के अलावा अन्य जांच व खुफिया एजेंसियों ने भी मिनहाज व मसीरुद्दीन से पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि दोनों कई गलत जानकारियां देकर एटीएस को भ्रमित करने का प्रयास भी लगातार कर रहे हैं। यही वजह है कि उनके सक्रिय साथियों के बारे में अभी अधिक ठोस जानकारियां नहीं लग सकी हैं।उल्लेखनीय है कि सम्भल पहले से ही अलकायदा के लिए बड़ा केंद्र रहा है। सम्भल के कई युवक लंबे अर्से से लापता हैं और उनके पाकिस्तान में रहकर अलकायदा की गतिविधियों को संचालित करने की आशंका है। जांच एजेंसियां अब पहले संदेह के दायरे में आ चुके कई युवकों के बारे में भी नए सिरे से जांच कर रही हैं। उल्लेखनीय है कि एटीएस ने मिनहाज व मसीरुद्दीन को पुलिस रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ शुरू की है। जिसके बाद नई जानकारियां सामने आना शुरू हुई हैं। जल्द कुछ अन्य बड़े राजफाश भी हो सकते हैं।

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