58 हजार ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार

जनपत की खबर , 344

लखनऊ।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सभी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार नए उपाय अपना रही है। अब शासन ने राज्य के सभी नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों को एक दिवसीय प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसके तहत 15 से 28 जुलाई तक मंडल स्तर पर सभी ग्राम प्रधानों को सरकार की कल्याणकारी स्कीम के बारे में अच्छी तरह जानतारी दी जाएगी। इन्हें बेहतर ढंग से लागू करने की योजना सिखाई जाएगी। 

*प्रशिक्षकों को मिलेगी ट्रेनिंग*

पंचायतीराज विभाग द्वारा नव निर्वाचित ग्राम प्रधानों के प्रशिक्षण के लिए बड़े स्तर पर रणनीति अपनाई गई है। जानकारी के मुताबिक मंडल स्तर पर जूम प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा। ग्राम प्रधानों को प्रशिक्षण दिये जाने के लिए 24 से 29 जून, 2021 के मध्य ‘प्रशिक्षकों के प्रशिक्षण’ का आयोजन कर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जा चुकी है। अपर मुख्य सचिव, पंचायती राज, विभाग ने मंगलवार को ही स्प्ष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। यह जानकारी पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के लिए राज्य स्तर से प्रत्येक विषय पर मास्टर ट्रेनर मंडलों में तैनात किए गए हैं।

*20-20 के ग्रुप में होगा*

ये प्रधानों को उनकी भूमिका एवं उत्तरदायित्व तथा विभागीय योजनाओ, ग्राम पंचायत विकास योजना, एसडीजी ई-गवर्नेंस,  स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा)-ठोस एवं तरल अपशिष्ट पदार्थ प्रबंधन जैसे विषयों पर रूचिकर वीडियो के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राज्य में प्रधानों का प्रशिक्षण सामान्य निर्वाचन के डेढ़ महीने के अन्दर पहली बार आयोजित किया जा रहा है। मंडल स्तर पर इसके लिए कमर कस ली गई है। प्रशिक्षण 20-20 के छोटे समूहों में आयोजित किया जा रहा है। समस्त मंडलों की चिन्हित ग्राम पंचायतों के लिए धनराशि पहले ही मंडलों को जारी हो चुकी है। 

*58189 ग्राम प्रधान शामिल होंगे*

सभी ग्राम प्रधानों को उनके निर्धारित तिथियों से सूचित किया जा चुका है। प्रधानों का प्रशिक्षण आरजीएसए योजना से ही किया जा रहा है। यह पंचायतों के प्रशिक्षण एवं क्षमता संवर्द्धन हेतु समर्पित योजना है। निदेशक पंचायतीराज ने बताया कि प्रदेश की 58189 ग्राम पंचायतों में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान अपने कार्य एवं दायित्वों, वित्त प्रबंधन, विभागीय महत्वपूर्ण योजनाओं आदि की जानकारी प्रदान करने से निश्चित रूप से उनकी कार्यकुशलता एवं क्षमता बढ़ेगी। कोरोना संक्रमण काल में पंचायतों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण है।

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