राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान, निशातगंज लखनऊ द्वारा संचालित आलेख लेखन ऑनलाईन कार्यशाला द्वितीय बैच का दूसरे दिन 640 से अधिक शिक्षकों ने किया प्रतिभाग
जनपत की खबर Jul 14, 2021 at 06:00 PM , 693लखनऊ।
आज दिनांक 14 जुलाई 2021 को *राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान, निशातगंज, लखनऊ, उ०प्र०* द्वारा संचालित द्वितीय ऑनलाइन आलेख लेखन कार्यशाला के दूसरे दिन बारीकियां सीखने के लिये सभी जिलों से चयनित ६५० से अधिक शिक्षकों ने जूम के माध्यम से वर्चुअल प्रतिभाग किया।
कार्यशाला में आरंभिक सत्र में प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए निदेशक, राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान, उ०प्र० *ललिता प्रदीप जी* ने पूर्व दिवस की कार्यशाला के महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कहानी, आलेख नहीं है। कहानी के आधार पर आलेख लिखे जाते हैं। इसके साथ ही उन्होंने आलेख में चरित्र पर विशेष ध्यान देने की बात कहते हुए बताया कि चरित्र की एक विशेष संरचना होनी चाहिए जो शुरूआत से अंत तक एक तारतम्य बनाये रखे।
प्रशासनिक अधिकारी *बिनोद सिंह जी* ने कहा कि फिल्म निर्माण में सबसे महत्वपूर्ण पटकथा होती है। अच्छा लेखक बनने के लिये आप-पास की गतिविधियों पर नजर रखकर दर्शकों की दृष्टि से उनका कहानी में रूपांतरण करने का प्रयास करना चाहिए।
बतौर विशेषज्ञ रेडियो उद्घोषक, सीआईईटी, एनसीईआरटी, नई दिल्ली *अजीत होरो जी* ने शब्द शिल्प पर चर्चा करते हुए बताया कि आलेख लेखन में शब्दों का चयन और वाक्यों का निर्माण अति महत्वपूर्ण होता है। साथ सामान्य भाषा शैली और छोटे वाक्य अधिक प्रभावी होते हैं। इसके साथ उन्होंने रेडियो कार्यक्रम के आलेख की रूपरेखा की बारीकियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अच्छे आलेख लेखन के लिये निरंतरता अति आवश्यक है और अच्छी भाषा को सुनना भी एक वरदान है।
इनके अलावा बतौर विशेषज्ञ *वन्दना अरिमर्दन* ने प्रतिभागियों को बताया कि आलेख बनाने सबसे महत्वपूर्ण है विषय चयन। इसके साथ ही यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि श्रोताओं को क्या चाहिये या श्रोताओं को क्या परोसना है। आलेख में लिंग संवेदीकरण के साथ ही साथ आयुवर्ग और समय सीमा का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि प्रस्तुतीकरण की रोचकता बनी रहे। समापन सत्र में बालिका शिक्षा के उन्मुखीकरण से प्रेरित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया और प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।
उक्त कार्यशाला में जूम के जरिये सीधे जुड़े प्रतिभागियों के अलावा फेसबुक व यूट्यूब पर भी सैकड़ों की संख्या में लाभार्थी जुड़े रहे।
कार्यशाला को सफल बनाने में शिक्षकों ज्योति सेठ, सुरभि शर्मा, विमल आनंद, अभय राज सिंह, मो० यामीन, वाणी शर्मा, अनुपम चौधरी व आलोक शुक्ल आदि का तकनीकी सहयोग रहा।































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