बिना किसी इन्कम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट के उपलब्ध होगा ऋण

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लखनऊ।
आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना, सभी कोरोना-महामारी पीड़ितों तथा सभी किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंद कामगार-समूहों को भारत सरकार की शार्ट टर्म-ऋण योजना के अन्तर्गत आवश्यक ऋण तथा ईडब्लूएस घर बिना किसी इन्कम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट के उनके आय का साधन सत्यापित होने पर उपलब्ध करा रही है। तथा उनको अपने सामान एवं उत्पादों को बिना किसी अतिरिक्त फीस के बेचने के लिए, उनके चयन, प्रशिक्षण, विपणन, माडल समूहों के गठन तथा ऋण-प्रबन्धन में निःशुल्क कन्सलटेन्सी तथा सभी आवश्यक वस्तुयें-लागत मूल्य पर आरडी-एकाउन्ट के द्वारा उपलब्ध करा रही है। परियोजना के निदेशक आर0के0निगम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आत्मनिर्भर-भारत अभियान के अन्तर्गत एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमंेशन परियोजना इन लोगों को आवश्यक ऋण तथा छोटे ईडब्लूएस घर बिना किसी इन्कम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट के बहुत कम ब्याज पर प्रत्येक 6 से 12 माह के शापिंग-आरडी एकाउन्ट स्टेटमेंट पर एसएचजी फेडरेशन के रूप में एसजीएसवाई-ईएमआईपी क्राउड-फण्ड एवं अपने एसोशिएट बैंकों के साथ देने का कार्य करेेगी। इसमें 5 से 10 महिलाओं के समूह मंे प्रत्येक महिला को प्रथम बार में औसत 24 हजार रू0 का ऋण दिया जायेगा एवं 10 मासिक किस्तें समय से भुगतान करने पर 50 हजार रू0 का ऋण दिया जोयगा एवं 10 मासिक किस्तें पुनः समय पर भुगतान करने पर 2 लाख रू0 का ऋण तथा 7 लाख रू0 का होम लोन बहुत कम ब्याज दर पर दिया जायेाग। इसमें किसी इनकम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट आदि की कोई आवश्यकता नहीं है। परियोजना निदेशक ने बताया कि, परियोजना द्वारा अपने आवेदक लाभार्थी सदस्यों को पंजीकरण कराने क 6 से 8 माह के अन्दर उनकी प्रतिमाह किस्तें देने की क्षमता अर्थात उनके आय का साधन सत्यापित होने पर उनको छोटे ईडब्लूएस घर आवंटित एवं रजिस्ट्री कर कब्जा दे दिया जाता है। एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना, अपने छोटे घरों की लागत का 20 प्रतिशत डाउन-पेमेन्ट बिना ब्याज के खुद एसजीएसवाई-ईएमआईपी क्राउड-फण्ड से भुगतान करती है और शेष प्रतिशत परियोजना के बैंक/वित्तीय-संस्थानों द्वारा फाइनेन्स किया जाता है। पूरे भारत में एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना द्वारा उपरोक्त के प्रबन्धन के लिये एक लाख कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। उपरोक्त के लिए सभी कार्य एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना द्वारा कियें जायेंगे। उन्हांेने बताया कि एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एण्ड इन्फारमंेशन परियोजना एक राज्यस्तरीय नोडल एजेन्सी, माइक्रो-क्रेडिट है जो एसएचजी फेडरेशन के रूप में भारत सरकार के आत्मनिर्भर-भारत अभियान के अन्तर्गत कोरोना-महामारी पीड़ित सभी किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंद कामगार-समूहों को, जिनके पास डाउन-पेमेन्ट की राशि, आय के प्रमाण-पत्र एवं जमानत भी नहीं होती है। उनके लिए अपनी किसी भी आवश्यकता पर ऋण तथा छोटे ईडब्लूएस घर प्राप्त करना बहुत मुश्किल होता है, उन्हंे ऋण प्रदान कर रही है।

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