कैबिनेट बैठक: योगी आदित्यनाथ सरकार ने आज लिए ये 10 बड़े फैसले, आम आदमी को मिलेंगी सुविधाएं

जनपत की खबर , 555

लखनऊ।

पौधारोपण से लेकर हाईवे तक हर जरूरी प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगाई
सहारनपुर और मथुरा में करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराए जाएंगे
डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के विस्तार निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी
मां विंध्यवासिनी देवी और विंध्य क्षेत्र को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मुफीद बनाया जाएगा
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संबंध में भी बड़ा फैसला लिया है

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) की अगुवाई में आज राज्य कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें 10 महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पौधारोपण से लेकर हाईवे तक हर जरूरी प्रस्ताव पर कैबिनेट ने मुहर लगाई। इसके तहत सहारनपुर और मथुरा में करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण कार्य कराए जाएंगे। स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए राजधानी लखनऊ में डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के विस्तार निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। मां विंध्यवासिनी देवी और विंध्य क्षेत्र को पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मुफीद बनाया जाएगा। कैबिनेट ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर में प्रस्तावित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संबंध में भी बड़ा फैसला लिया है।

*पढ़ें आज लिए गए महत्वपूर्ण फैसले -*

*1 - 30 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे*

यूपी में साल 2021-22 में 30 करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए मंत्रिपरिषद ने वन एवं वन्य जीव विभाग की पौधशालाओं से सभी के लए निःशुल्क पौध (यूकेलिप्टस एवं पॉपूलर को छोड़कर) उपलब्ध कराये जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह निर्णय प्रदेश के पर्यावरणीय लाभ एवं कृषकों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए लिया गया है।

इस साल प्रदेश में लगभग 10.80 करोड़ पौधों का रोपण वन विभाग कराएगा। करीब 19.20 करोड़ पौधों का रोपण राज्य सरकार के अन्य राजकीय विभागों द्वारा जनहित सहभागिता के माध्यम से कराया जाना है। इस लक्ष्य को नगर पंचायत, नगर पालिका, नगर निगम, जनपद स्तरीय विभागों के मुख्यालय, विकास खण्डों, कृषकों, समाज सेवी संस्थाओं तथा एनएसएस के कार्यकर्ताओं के सहयोग से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हासिल किया जाएगा। वन विभाग में पौधरोपण के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध है। निर्धारित 10.80 करोड़ पौधरोपण के सापेक्ष 1755 पौधशालाओं में 42 करोड़ पौधे तैयार किये जा चुके हैं। वन विभाग को छोड़कर अन्य राजकीय विभागों के पास सामान्यतः बजट उपलब्ध नहीं रहता है। 

वन विभाग द्वारा इसी कारण प्रदेश के समस्त शासकीय विभागों एवं अन्य को वन विभाग एवं उद्यान विभाग की पौधशालाओं से निःशुल्क पौध (यूकेलिप्टस और पॉपूलर को छोड़कर) उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है। कैबिनेट में कहा गया है कि 30 करोड़ पौधे लगाने से प्रदेश की हरीतिमा में वृद्धि होगी। प्रदूषण की रोकथाम एवं भूजल स्तर में बढ़ोत्तरी होगी। पौधों के रोपण से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ कृषकों की आय में भी वृद्धि होगी। इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार सृजन होगा। 

*2 - 6600 राजकीय नलकूप अत्याधुनिक बनेंगे*

मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के विभिन्न जनपदों में स्थापित 6600 राजकीय नलकूपों की जल वितरण प्रणाली के आधुनिकीकरण एवं उपकरणों के बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इसमें कुल लागत 28579.83 लाख रुपये (जीएसटी सहित) आएगी। परियोजना वर्ष 2020-21 से शुरू है और तीन वर्ष 2022-23 तक इसे पूरा किया जाना प्रस्तावित है। परियोजना के पूरा होने से 11.53 हेक्टेयर प्रति नलकूप की दर से लगभग 76082 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता होगी। इससे लगभग 70,000 कृषक परिवार लाभान्वित होंगे।

वर्तमान में प्रदेश में 34401 राजकीय नलकूपों द्वारा कृषकों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। वर्ष 2018-19 की वार्षिक गणना में 6600 राजकीय नलकूप ऐसे पाये गये, जिनकी जल वितरण प्रणाली, पम्प हाउस, डिलीवरी टैंक, पक्की गूल, पीवीसी पाइप जीर्ण-शीर्ण हो चुके हैं। इन्हीं 6600 राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण और नए उपकरण लगाने के लिए यह परियोजना तैयार की गयी है। प्रदेश के कुल सिंचित क्षेत्रफल का लगभग 73 प्रतिशत भाग नलकूपों से सींचा जाता है। इसमें निजी एवं राजकीय नलकूप शामिल हैं। राजकीय नलकूपों का निर्माण लघु एवं सीमान्त कृषकों के बहुतायत वाले क्षेत्रों में कराया जाता है। यह परियोजना लघु एवं सीमान्त कृषकों के लिए विशेष लाभप्रद है। इससे खाद्यान्न उत्पादन में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

*3 - चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक को मंजूरी*

मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश श्री चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 को विधान मण्डल में प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है। साथ ही, मंत्रिपरिषद ने आवश्यक निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकृत किया है। चित्रकूट की समस्त प्रकार की सांस्कृतिक, पारिस्थितिकीय तथा स्थापत्य सम्बन्धी विरासत की सौंदर्यपरक गुणवत्ता को संरक्षित, विकसित करने आदि के लिए श्री चित्रकूट धाम तीर्थ विकास परिषद का गठन किया जाना प्रस्तावित है। 

यह परिषद चित्रकूट की संस्कृति को अक्षुण्ण रखने, योजना तैयार करने, ऐसी योजना के क्रियान्वयन का समन्वय एवं अनुश्रवण करने और क्षेत्र में एकीकृत पर्यटन विकास तथा विरासत-संरक्षण एवं प्रबन्धन हेतु संगत नीतियां विकसित करने, जिला चित्रकूट के किसी विभाग, स्थानीय निकाय, प्राधिकरण को चित्रकूट क्षेत्र के विरासतीय संसाधनों को प्रभावित करने वाली या किसी विकासगत प्रस्ताव के सम्बन्ध में परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान करेगी। इससे चित्रकूट की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो सकेगी। पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

*4 - पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं का केंद्र बनेगा विंध्य क्षेत्र*

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश विन्ध्य धाम तीर्थ विकास परिषद के गठन के लिए उत्तर प्रदेश विन्ध्य धाम तीर्थ विकास परिषद विधेयक 2021 को विधान मण्डल में प्रस्तुत किए जाने के प्रस्ताव को आज स्वीकृति दी है। मंत्रिपरिषद ने निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकृत किया। योगी आदित्यनाथ सरकार ने विन्ध्य धाम क्षेत्र में पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं के लिए उच्च स्तरीय पर्यटक सुविधा उपलब्ध कराने और इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखने के लिए इस परिषद के गठन पर बल दिया है। इससे विंध्य क्षेत्र में तीर्थ यात्रियों के साथ पर्यटक भी आएंगे।

पुराणों में विन्ध्य क्षेत्र का महत्व तपोभूमि के रूप में वर्णित है। मां विन्ध्यवासिनी देवी मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केन्द्र है। देश के 51 पीठों में से मां विन्ध्यवासिनी ही पूर्णपीठ है। मां विन्ध्यवासिनी देवी का मंदिर विन्ध्य पर्वत श्रृंखला के मध्य पतित पावनी गंगा नदी पर स्थित है। मां विन्ध्यवासिनी के दर्शन के लिए पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है। चैत्र व शारदीय नवरात्र के अवसर पर यहां देश के कोने-कोने से लाखों संख्या में श्रद्धालु माँ विन्ध्यवासिनी देवी के दर्शन के लिए आते हैं। मां विन्ध्यवासिनी शक्तिपीठ की सबसे खास बात यह है कि यहां 3 किलोमीटर के दायरे में 3 प्रमुख देवियां विराजमान हैं। कालीखोह पहाड़ी पर महाकाली देवी तथा अष्ठभुजा पहाड़ी पर अष्ठभुजा देवी विराजमान हैं। दोनों के केन्द्र में मां विन्ध्यवासिनी देवी हैं। प्रस्तावित प्रायोजना से मीरजापुर की पहचान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो सकेगी। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

*5 - लखनऊ में बनेगा डॉ अम्बेडकर सांस्कृतिक केन्द्र*

मंत्रिपरिषद ने ऐशबाग ईदगाह के सामने मौजा लखनऊ की नजूल भूमि खसरा संख्या-232, 233, 234, 236 तथा 237 का अंश भाग क्षेत्रफल 5493.52 वर्गमीटर रिक्त भूमि को डॉ अम्बेडकर सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना के लिए देने को स्वीकृति दी है। संस्कृति विभाग को कुछ शर्तों एवं प्रतिबंधों के तहत यह भूमि निःशुल्क आवंटित होगी। मंत्रिपरिषद के निर्णय के अनुसार आवंटित-हस्तान्तरित नजूल भूमि पर कोई धार्मिक अथवा ऐतिहासिक महत्व की इमारत न हो। 

प्रमुख सचिव, संस्कृति विभाग ने राज्य सरकार से इस जमीन की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि यहां डॉ अम्बेडकर सांस्कृतिक केन्द्र की स्थापना की जानी है। इसमें लगभग 750 व्यक्ति की क्षमता का प्रेक्षागृह, पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, छायाचित्र दीर्घा व संग्रहालय, बैठकों व आख्यान हेतु मल्टीपरपज सभागार, कार्यालय, भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति की स्थापना एवं लैण्डस्केपिंग, डॉरमेट्री, कैफेटेरिया, शौचालय, पार्किंग व अन्य जनसुविधाएं विकसित की जाएंगी। इस प्रोजेक्ट पर करीब 45.04 करोड़ रुपये की लागत आएगी। संस्कृति विभाग ने राजधानी लखनऊ में 2 से 3 एकड़ भूमि उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध किया था।

*6 - संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान में बढ़ेगी सुविधा*

मंत्रिपरिषद ने संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ में एडवांस ऑप्थेल्मिक सेण्टर एवं सर्विस ब्लॉक के निर्माण कार्य में प्रयुक्त उच्च विशिष्टियों पर अनुमोदन प्रदान कर दिया है। उल्लेखनीय है कि संस्थान में एडवांस ऑप्थेल्मिक सेण्टर एवं सर्विस ब्लॉक के निर्माण कार्य के लिए व्यय वित्त समिति ने 6,139.72 लाख रुपये की लागत बताई थी। परियोजना के तहत भूतल एवं द्वितीय तल का निर्माण कार्य किया जाना है। 

इस परियोजना के अन्तर्गत भूतल पर फायर, इलेक्ट्रिकल, पार्किंग आदि तथा प्रथम तल पर सेमिनार हॉल, पैण्ट्री, मीटिंग रूम, टेलीमेडिसिन रूम आदि विकसित होंगे। एडवांस ऑप्थेल्मिक सेण्टर एवं सर्विस ब्लॉक के निर्माण कार्य के पूर्ण हो जाने से ऑप्थेल्मिक डिसऑर्डर के रोगियों को बेहतर इलाज मिल सकेगा। नेत्रहीनों के लिए कॉर्नियल ट्रांसप्लाण्ट की चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। 

*7 - डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान का विस्तार होगा*

मंत्रिपरिषद ने डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ के नवीन परिसर, गोमती नगर विस्तार योजना के प्रथम चरण के निर्माण कार्य में वाह्य विद्युत कार्य के लिए 04 करोड़ 77 लाख 93 हजार 357 रुपये की मंजूरी दी है। अब इस प्रोजेक्ट की लागत 1 अरब 99 करोड़ 72 लाख 24 हजार रुपये से बढ़कर कुल 2 अरब 4 करोड़ 50 लाख 17 हजार 357 रुपये हो गई है। 

*8 - मथुरा में बनेगा 4 लेन मार्ग*

मंत्रिपरिषद ने जनपद मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे से वृन्दावन (पागल बाबा मन्दिर) तक (अन्य जिला मार्ग) 4-लेन मार्ग को स्वीकृति दे दी है। इसके तहत 7.278 किमी सड़क बनाई जाएगी। मार्ग निर्माण में यमुना नदी पर 2-लेन का पुल बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट पर कुल 25155.03 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है।

प्राचीन नगरी मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली के रूप में देश-विदेश में प्रसिद्ध है। इसी नगरी के आसपास अन्य प्राचीन स्थल वृन्दावन, गोकुल, गोवर्धन, बरसाना आदि स्थान हैं। यहां पर भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाएं दिखायीं। इन प्राचीन स्थलों में वृन्दावन धाम एक अद्वितीय स्थान है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं तीर्थयात्री यमुना एक्सप्रेस-वे, एनएच-2 एवं पीबीएमबी (एसएच-33) होते हुए इस मार्ग से आते हैं। वीकेंड एवं धार्मिक आयोजनों के अवसर पर इस मार्ग पर भारी ट्रैफिक रहता है। इसीलिए इसे बढ़ाकर 4 लेन किया जाना अति आवश्यक है। 

*9 - सहारनपुर को मिलेगी सुविधा*

यूपी कैबिनेट ने सहारनपुर में एनएच-709बी (चुनहेटी) से अम्बाला रोड होते हुए दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग (एसएच-57) पर 171.00 (देवला) तक (लम्बाई 19.125 किमी) 4-लेन बाईपास मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 20022.13 लाख रुपये खर्च आएगा। 

यूपी के सहारनपुर के एक ओर हरियाणा का जिला यमुना नगर एवं अम्बाला और दूसरी ओर उत्तराखण्ड का देहरादून व हरिद्वार स्थित है। सहारनपुर में नेशनल हाइवे-57 के 187 किलोमीटर से पौराणिक मां शाकुम्भरी देवी तक शक्तिपीठ आने जाने का एक मात्र रास्ता है। मां शाकुम्भरी देवी धाम में लगने वाले मेले में हरियाणा, उत्तराखण्ड एवं मुजफ्फरनगर, शामली, मेरठ आदि से श्रद्धालु इसी मार्ग आवागमन करते हैं।

*10 - जेवर एयरपोर्ट के लिए सरकार की बड़ी घोषणा*

उत्तर प्रदेश कैबिनेट की आज हुई अहम बैठक में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Noida International Airport) को लेकर बड़ा फैसला हुआ। मंत्रिमंडल ने गौतमबुद्ध नगर के जेवर में बनने वाले अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के लिए नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज 1334 हेक्टेयर जमीन को ज्वाइंट वेंचर कम्पनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड को लीज पर देने के लिए स्टाम्प एवं निबन्धन शुल्क में छूट के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। 

साथ ही मंत्रिपरिषद ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के सम्बन्ध में समय-समय पर आवश्यकतानुसार निर्णय लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अधिकृत करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। कैबिनेट के इस फैसले से जेवर एयरपोर्ट के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। साथ ही नागरिक उड्डयन विभाग से नियाल को जमीन ट्रांसफर करने में आने वाले करोड़ों रुपये की बचत होगी। इस एयरपोर्ट की स्थापना से आम लोगों को हवाई सेवा में सुविधा मिलेगी। इस पूरे क्षेत्र का तेजी से आर्थिक विकास सम्भव होगा।

Related Articles

Comments

Back to Top