बाल आयोग,बाल कल्याण समिति व चाइल्डलाइन ने दिये पुलिस टीम को प्रशासित पत्र।

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लखनऊ।
पुलिस की अक्सर ही आलोचना की जाती है परंतु कई ऐसी घटनाए है, जिनमे पुलिस कर्मी यदि मुस्तैदी और होशियारी से काम न करे तो व्यक्ति के जान-माल का बड़ा नुकसान हो जाये। ऐसी ही एक घटना 14 जून 2021 को घटित हुई जब एक नाबालिग किशोरी नादानी मे अपने घर से नाराज होकर निकली और कुछ असामाजिक तत्वो के हाथ लग गयी। अभियुक्तों ने चालाकी से बालिका को अपने चंगुल मे फसाया और उसके साथ लैंगिक शोषण कर उसको खत्म ही कर देते,यदि कुछ साहसी और संवेदनशील पुलिस कर्मी जो इटोंज़ा और बी॰के॰टी॰ के थाने के थे,सही समय पर पहुँच कर किशोरी को न बचा लेते। 
इस पुलिस टीम के नायक है, ड़ा॰ हदयेश कठेरिया अपनी सूझ बुझ और सावधानी से अपने साथियों के साथ योजनबंध तरीके से बालिका को जान बचा कर उसकी रक्षा की और सिद्ध किया कि बाल सुरक्षा के लिए लखनऊ पुलिस तैयार है। 
इस पुलिस टीम जिसमे थे, ड़ा॰ हदयेश कठेरिया सी॰ ओ॰ प्रभात शुक्ला एस॰आइ॰,अमित कुमार आरक्षी,अनिल कुमार कमलेश कुमार,रचना शर्मा ,मयंक,बद्री प्रसाद,समर बहादुर,सुदीप,प्रेम सिंघानिया, अश्वनी,योगेन्द्र सिंह निरीक्षक,अनूप सरोज, एस॰आइ॰फिरोज ।   
उक्त पुलिस टीम को प्रोत्साहित करते हुए बाल आयोग,बाल कल्याण समिति व चाइल्डलाइन लखनऊ ने उन्हे प्रशासित पत्र प्रदान किया। ड़ा॰शुचिता चतुर्वेदी सदस्या बाल आयोग,ड़ा॰संगीता शर्मा सदस्या बाल कल्याण समिति ,व अंशुमाली शर्मा निदेशक चाइल्डलाइन लखनऊ ने पूरी टीम को प्रशासित पत्र दिये और मुह मीठा कराते हुए उसके हौसले की सराहना की। इस मौके पर चाइल्डलाइन समन्वयक कृष्ण प्रताप शर्मा तथा काउन्सलर वर्षा शर्मा मौजूद रही। ड़ा॰सुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि हमे पुलिस को हौंसला बढ़ाना चाहिए,क्योंकि प्रोत्साहन किसी भी मनुष्य को और अच्छा करने को प्रेरित करता है फिर वो भले ही पुलिस क्यों ना हो। ड़ा॰संगीता शर्मा ने कहा कि बाल मित्रवत वातावरण बनाना बहुत आवश्यक है और पुलिस कि इसमे बहुत बड़ी भूमिका है। 
अंशुमाली शर्मा ने बताया कि लखनऊ मे चाइल्डलाइन को पुलिस से निरंतर सहयोग मिलता रहा है और हम सबका लक्ष्य है लखनऊ को हम बाल अपराध से मुक्त कराये। 

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