नोएडा जिला अस्पताल में प्रसव के लिए नर्स ने लिए ढाई हजार रुपए

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नोएडा।
 भले ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों को निःशुक्ल स्वास्थ्य सेवा देने का दावा किया जाता हो, लेकिन मरीजों को सुविधाओं का लाभ पाने के लिए अपनी जेब ढ़ीली करनी ही पड़ती है। ताजा मामला सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल का है। जहां लेबर रूम में कर्मचारियों ने एक मरीज से प्रसव के ढ़ाई हजार रुपये ले लिए, पैसे न देने पर प्रसव करने से मना कर दिया। इन स्वास्थ्यकर्मियों के लिए प्रबंधन ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में दो दिन पूर्व एक गर्भवती प्रसव के लिए पहुंची थी, जहां लेबर रूम में स्टाफ नर्स और वार्ड आया ने उनसे प्रसव के ढ़ाई हजार रुपये मांगे। पैसे न देने पर प्रसव करने से मना कर दिया। महिला की हालत नाजुक देखते हुए तीमारदार ने उन्हें पैसे दे दिए। अगले दिन पीड़ित ने मामले की सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल से शिकायत की। 

मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमएस ने जांच कमेटी गठित कर जांच कराई। जांच में लेबर रूम की पांच महिला कर्मचारी दोषी साबित हई। इनमें दो स्टाफ नर्स और एक वार्ड आया प्रफेक्ट एजेंसी के माध्यम से संविदा पर तैनात है, जबकि एक स्टाफ नर्स और सफाईकर्मी स्थाई है। प्रबंधन ने संविदा कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के लिए एजेंसी और स्थाई कर्मियों को चेतावनी जारी करते हुए तबादले की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल ने कहा कि अस्पताल में सभी सुविधाएं निःशुक्ल है, मरीजों से इलाज के एवज में वसूली करने वाले किसी भी कर्मचारियों को बक्शा नहीं जाएगा। स्थाई कर्मियों पर कार्रवाई के लिए शासन से पत्राचार किया जाएगा।

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