अदभुत चूहा : जिसने बचाई इंसानों की जान

परिवेश , 729

चूहा घरों में पाया जाने वाला एक छोटा सा जानवर होता है जिसके बारे में बताने की आवश्यकता नही.  हर कोई जानता है इसके बारे में . चूहे  कुछ भी खा लेते हैं. जैसे घरेलू कूड़ा, सड़ा हुआ मांस और अनाज वगैरह. वे हर उस जगह पर रहते हैं जहां इंसान रहते हैं. वे  धातु में भी सुराख कर सकते हैं, लंबी दूरी तक तैर सकते हैं, 50 फीट ऊंचाई से गिरकर भी ज़िंदा रह लेते हैं. वे टॉयलेट से भी निकल आ सकते हैं. यह चूहे मूल रूप से उत्तरी चीन के निवासी हैं, मगर अब वे अंटार्कटिका को छोड़कर सभी महादेशों में फैल चुके हैं.
कई प्रजातियों के जीव घट रहे हैं, लेकिन चूहे लगातार बढ़ रहे हैं- ख़ास तौर से शहरों में. चूहे दुनिया की सबसे आक्रामक प्रजातियों में से एक हैं. वे देसी वन्य जीवों को नुकसान पहुंचाते हैं, संपत्ति नष्ट करते हैं, खाने-पीने की चीजों को दूषित करते हैं और बीमारियां फैलाते हैं.
ऑस्ट्रेलिया में  चूहों ने हाहाकार मचा रखा है. लाखों टन फसल अब तक चूहे खेतों में बर्बाद कर चुके हैं वहीं चूहों ने अब घरों में आतंक मचाना शुरू कर दिया है. लाखों की तादाद में चूहे खेतों से लेकर घरों में घुस आये हैं और लोगों को काट रहे हैं. छोटे बच्चों को चैन से रहना चूहों ने मुहाल कर दिया है. बिजली लाइनों को काटने की वजह से ऑस्ट्रेलिया में जहां तहां आग लग जा रही है. सूखे की मार से ऑस्ट्रेलिया पहले से ही परेशान है और अब चूहों ने किसानों के सपनों पर पानी फेर दिया है. लेकिन एक चूहा ऐसा भी है जो लोगों की जान बचाता है. 
स्निफर डॉग शब्द तो आपने कई बार सुना होगा. देखा भी होगा. पुलिस, सेना या रेस्क्यू टीम के साथ ये इनके ऑपरेशन्स के दौरान नजर आते रहते हैं. इनकी सूंघने की शक्ति या कहें काबिलियत के चलते ये हर साल हजारों-लाखों लोगों की जान बचाते हैं. लेकिन, क्या आपने किसी ऐसे ‘रेट स्क्वॉड’ या चूहे के बारे में सुना है,  जिसने स्निफर डॉग्स जैसे हैरतअंगेज काम को अंजाम दिया हो. वो भी एक नहीं पांच साल तक . चलिए आज एक ऐसे चूहे की जानकारी लेते हैं जिसने तमाम लोगों की जान बचाई.
कम्बोडिया में गृहयुद्ध के दौरान जंगलों में हजारों की संख्या में बारूदी सुरंगे बिछाई गईं थी. अकसर, यहां के गुजरने वाले लोगों के पैर इनपर पड़ जाते. दबाव जैसे ही पड़ता ये लैंड माइन्स फट जातीं यानी इनमें ब्लास्ट हो जाता. दुनिया भर में इसको लेकर फिक्रमंदी थी. खास बात ये है कि यह बारूदी सुरंगे उसी क्षेत्र में थीं, जहां विश्व प्रसिद्ध अंकोरवाट मंदिर हैं. दुनिया भर से यहां टूरिस्ट भी आते थे. कम्बोडिया प्राकृतिक रूप से  बहुत खूबसूरत देश है..इसलिए भी यहां पर्यटक ज्यादा आते हैं.

मागाबा कम्बोडिया में मौजूद एक स्निफर चूहा है. बारूदी सुरंगों के फटने से होने वाली जन माल के नुक्सान से कम्बोडियाई सरकार बहुत  परेशान थी. इसी दौरान, बेल्जियम के एक चैरिटी ऑर्गनाइजेशन अपोपो को अद्भुत विचार आया.  इस आर्गनाइजेशन ने तंजानिया से एक खास नस्ल के कुछ चूहे खरीदे.  इनके सूंघने की ताकत जबरदस्त थी.  अपोपो  के वॉलेंटियर्स ने इन्हें प्रशिक्षित करना शुरू किया इनमें से एक चूहे मागाबा को कम्बोडिया भेजा गया. इस चूहे के साथ वॉलेंटियर भी गए. अफ्रीकी नस्ल के इस मगावा चूहे की बहादुरी के सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चे हो रहे हैं. इस चूहे के सूंघने की क्षमता इतनी बेहतर है कि बारूदी सुरंगों का पता लगाने में इस्तेमाल होने वाली  महंगी मशीनों को भी मात दे देती है. इसी खासियत के चलते इसे दल में शामिल किया गया था और अब तक इसने एक सैकड़ा बारूदी सुरंगों का पता लगाया है.
अपोपो आर्गनाइजेशन के प्रोग्राम मैनेजर माइकल हेमेन कहते हैं- 71 लैंडमाइन्स और 38 विस्फोटकों का पता लगाने वाला मागाबा अब थक गया है.  उसकी उम्र सात साल है.पांच साल में उसने 2 लाख 25 हजार स्क्वॉयर मीटर में काम करके हजारों लोगों की जान बचाई. ये 42 फुटबॉल मैदानों के बराबर है. हमने इसको रिटायर करने का फैसला किया. अब वो अपने पसंदीदा काम जैसे केले और पीनट्स खाने के लिए आजाद है. हालांकि, वो अब भी काफी फिट है. लेकिन, उम्र का असर मगावा चूहे पर दिखने लगा है. 

मागाबा को 2016 में जब कम्बोडिया लाया गया तो वह महज 2 साल का था. यहां आने से पहले उसका इस्तेमाल तंजानिया की कैमिकल फैक्ट्री में भी किया गया था. पिछले साल सितंबर में उसे रोडेन्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था.  इसके अलावा भी उसे कई सम्मान मिल चुके हैं . मगावा को ब्रिटेन की एक चैरिटी संस्था पीडीएसए द्वारा सम्मानित किया जा चुका है. ब्रिटिश संस्था हर साल अच्छा काम करने वाले जानवरों को सम्मानित करती है. पहली बार इस संस्था ने एक चूहे को सम्मानित किया था. 
मागाबा के प्रशिक्षक  बताते हैं कि वो तय एरिया में घूमता. उसके साथ वॉलेंटियर साथ  रहते. मागाबा को जहां लैंडमाइन का विस्फोटक का शक होता, वहां वो रुक जाता, फिर जमीन को खुरचने लगता. इसके बाद वहां से हट जाता और स्टाफ लैंडमाइन क्लियर कर देता. हेमेन कहते हैं- हमें उसकी बहुत याद आएगी. वो बेजोड़ चूहा है.

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