2 SDM को डिमोट कर तहसीलदार बनाया

हेडलाइंस , 533

लखनऊ।

योगी सरकार ने की करप्शन पर बड़ी कार्रवाई,

2 SDM को डिमोट कर तहसीलदार बनाया,

रामजीत मौर्य, जेपी चौहान पर कार्रवाई की,

जमीन संबंधित घोटाले में दोनों दोषी मिले,

रामजीत ने मिर्जापुर तैनाती में खेल किया था,

चौहान ने पीलीभीत तैनाती में घोटाला किया था,

तैनाती के दौरान जमीन संबंधित घोटाले किए,

अभी एसडीएम प्रयागराज थे रामजीत मौर्य,

एसडीएम श्रावस्ती जेपी चौहान पर कार्रवाई हुई,

दोनों को राजस्व परिषद से अटैच किया गया।

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (CM Yogi Adityanath) ने रविववार को बड़ा एक्शन लिया है। करप्शन में लिप्त पाए जाने पर तीन उपजिलाधिकारी स्तर के पीसीएस अफसरों को पदावनत करके तहसीलदार बना दिया गया है। जमीन घोटाले में इन तीनों अफसरों को दोषी पाया गया है। एसडीएम रामजीत मौर्य, जेपी चौहान और अजय कुमार पर कार्रवाई हुई है। इनमें एसडीएम अजय कुमार नोएडा में तैनात थे। यहां उन्होंने बड़े भूमि घोटाले को अंजाम दिया था।

*प्रयागराज के एसडीएम रामजीत मौर्य पर कार्रवाई*

शासन से मिली जानकारी के मुताबिक जमीन से संबंधित घोटाले में तीनों दोषी मिले हैं। एसडीएम रामजीत मौर्य ने मिर्जापुर जिले में तैनाती के दौरान खेल किया था। उनके खिलाफ शिकायत मिलीं तो शासन ने जांच का आदेश दिया। मिर्जापुर के जिलाधिकारी ने एसडीएम को दोषी करार दिया। अब राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से अनुमति लेकर एसडीएम रामजीत मौर्य को डिमोट करके तहसीलदार बना दिया गया है। मौर्य अभी जनपद प्रयागराज में बतौर एसडीएम तैनात थे।

*एसडीएम श्रावस्ती जेपी चौहान पर गिरी गाज*

योगी आदित्यनाथ सरकार की इस कार्रवाई की जद में श्रावस्ती के एसडीएम जेपी चौहान भी आए हैं। एसडीएम जेपी चौहान को भी पदावनत करके तहसीलदार बना दिया गया है। जेपी चौहान ने पीलीभीत में तैनाती के दौरान भूमि घोटाले को अंजाम दिया था। जेपी चौहान के खिलाफ पीलीभीत के लोगों ने शासन से शिकायतें की थीं। जिन पर राज्य सरकार ने जांच बैठा दी थी। जांच में एसडीएम जेपी चौहान को दोषी पाया गया। चार्टशीट के बाद चौहान को पक्ष रखने का मौक़ा दिया गया, लेकिन उनके जवाब से शासन संतुष्ट नहीं हुआ। लिहाजा, उन्हें दंडित करके के लिए पदावनत करने की सिफ़ारिश राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से की गई थी। राज्यपाल ने सरकार की सिफारिश को मंजूरी दे दी है।

*अजय कुमार ने नोएडा तैनाती में किया था घोटाला*

तीसरे अधिकारी मुरादाबाद के एसडीएम अजय कुमार हैं। अजय कुमार ने नोएडा तैनाती में घोटाला किया था। उनके खिलाफ शिकायतें मिलने पर सरकार ने जांच का आदेश दिया था। जांच में आरोप सही पाए गए थे। अब शासन ने उन पर कार्रवाई की है। अजय कुमार को भी डिमोट करके तहसीलदार बना दिया गया है ।।

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