उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ. नें बाल सेवा योजना" की शुरुआत की

हेडलाइंस , 748

लखनऊ।
● कोरोना संक्रमण के कारण जिन बच्चों के माता-पिता अथवा कानूनी अभिभावक का निधन हो गया है, ऐसे निराश्रित/अनाथ बच्चों के व्यवस्थित पालन-पोषण, शिक्षा-दीक्षा आदि के लिए सरकार ने "उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना" की शुरुआत की है। योजनांतर्गत ₹4,000 की मासिक की दर से धनराशि दिए जाने, उन्हें बाल संरक्षण गृहों में आवासित किए जाने, कस्तूरबा अथवा अटल आवासीय विद्यालयों में शिक्षा की सुविधा सहित अनेक उपयोगी प्रावधान सम्मिलित हैं। कोई भी पात्र बच्चा इस योजना से वंचित न रहे, इस संबंध में संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। बाल संरक्षण गृहों की व्यवस्थाओं को और बेहतर करने के संबंध में विभागीय मंत्री और अधिकारी गण भौतिक निरीक्षण करते हुए आवश्यक कार्यवाही कराई जाए।

● बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा डीएलएड प्रशिक्षण पाठ्यक्रम के नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया यथासंभव प्रारंभ कर दी जाएं। प्रवेश का पैटर्न पूर्ववत रखा जाना चाहिए। 

● कोरोना कर्फ्यू से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए। रात्रिकालीन बन्दी को प्रभावी बनाने के लिए शाम 06 बजे से ही पुलिस व स्थानीय प्रशासन सक्रिय हो जाएं। पब्लिक एड्रेस सिस्टक का उपयोग करें। कहीं भी भीड़ की स्थिति न बने। कई जिलों में लोगों के मास्क न लगाने, बाजारों में अनावश्यक भीड़, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने जैसी जानकारी मिली है। यह स्थिति न तो किसी के लिए भी अच्छी नहीं है। कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए  हर एक नागरिक का सहयोग आवश्यक है। पुलिस प्रशासन को सक्रियता बढ़ाने की जरूरत है। लोगों को जागरूक भी करें, साथ-फुट पेट्रोलिंग, चेंकिंग और आवश्यकतानुसार प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जानी चाहिए।

● विशेषज्ञों के आकलन के दृष्टिगत कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के संबंध में प्रो-एक्टिव नीति अपनाई जा रही है। सभी मेडिकल कॉलेजों में पीआईसीयू और एनआईसीयू की स्थापना को तेजी से पूरा किया जाए। सभी मेडिकल कॉलेजों में 100-100 बेड के पीआईसीयू स्थापित किये जाने हैं। इसके साथ 50 बेड का एनआईसीयू भी हों। इसी तरह जिला अस्पताल और सीएचसी स्तर पर भी मिनी पीकू स्थापित किए जा रहे हैं। इसके लिए 20 जून तक की समय-सीमा तय की गई है। समय-सीमा में विस्तार नहीं होगा। सभी जिलाधिकारीगण इन कार्यों की सतत मॉनीटरिंग करें। 

● कोविड की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी के क्रम में मानव संसाधन का प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। 85 मास्टर ट्रेनरों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण जारी है। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ आदि के लिए पीडियाट्रिक केयर ट्रेनिंग भी हो रहा है। सभी के विधिवत प्रशिक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए।

Related Articles

Comments

Back to Top