मुख्यमंत्रियों की बैठक में कई मसलों पर सहमति नहीं
राष्ट्रीय May 11, 2020 at 04:50 PM , 490नई दिल्ली। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में कई मसलों पर सहमति नहीं दिखाई दी। कुछ राज्यों ने लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की तो कुछ राज्यों ने कहा कि कंटेनमेंट जोन छोड़ कर बाकी जगहों पर आर्थिक गतिविधियों की इजाजत हो। कुछ राज्यों ने यात्री ट्रेन चलाने का विरोध किया। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र से स्पष्ट दिशा-निर्देश देने को कहा तो छत्तीसगढ़ सरकार ने कहा कि आर्थिक गतिविधियां शुरू करने का अधिकार राज्यों को दिया जाए।
सोमवार को मुख्यमंत्रियों के साथ हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में लॉकडाउन और प्रवासी मजदूरों के मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा कि अभी यात्री ट्रेनें नहीं चलानी चाहिए। हालांकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मुंबई लोकल ट्रेन चलाने की मांग की ताकि जरूरी सेवाओं में लगे लोगों की परेशानी दूर की जा सके। बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री ने अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कंटेनमेंट जोन को छोड़कर पूरी दिल्ली में आर्थिक गतिविधियां खोल दी जानी चाहिए।
पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के साथ साथ तेलंगाना, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री भी लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में थे। अमरिंदर सिंह ने साथ ही यह भी कहा कि लॉकडाउन से बाहर जाने के लिए रणनीति बनाने के लिए राज्यों को वक्त दिया जाना चाहिए। मीटिंग के दौरान छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्यों में आर्थिक गतिविधियां शुरू करने का फैसला राज्यों को सौंपा जाए। उन्होंन कहा कि राज्य ही तय करें कि रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन कौन-कौन से हों। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत दो सौ दिन की मजदूरी दी जाए। बघेल ने यह भी कहा कि ट्रेन, विमान सेवा, बस सेवा राज्य की सरकारों से मशविरा करने के बाद ही शुरू की जाएं।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से उलट महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रधानमंत्री को लॉकडाउन के संबंध में निश्चित और ठोस निर्देश देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुंबई में जरूरी सेवाओं के लिए लोकल ट्रेन सर्विस शुरू करने की मंजूरी दी जाए। भूपेश बघेल की तरह कांग्रेस के एक और मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्यों को आर्थिक शक्तियां देने की मांग की और कहा कि इससे वे लोगों की जिंदगी और रोजगार को बचा सकेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को लॉकडाउन से बाहर आने के लिए रणनीति बनाने का मौका दिया जाए।































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