*यूपी में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर हलचल तेज, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मध्य प्रदेश का दौरा रद्द कर लखनऊ लौटीं

हेडलाइंस , 348

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज अचानक मध्य प्रदेश के अपने सभी कार्यक्रम निरस्त कर राजधानी लखनऊ वापस लौट आईं। वह दौरे पर मध्य प्रदेश गई थीं। राज भवन में भी हलचल तेज हो गई है। उनके लखनऊ लौटने से यह तय हो गया है कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार 28-29 मई के दौरान किया जाएगा। हालांकि सरकार ने फिलहाल मंत्रिमंडल के विस्तार की तिथि और वक्त का कैलेंडर जारी नहीं किया है। मगर तैयारियों की रफ्तार को देखते हुए कहा जा सकता है कि इन्हीं 2 दिनों में विस्तार को मूर्त रूप दिया जाएगा। पार्टी पदाधिकारियों के मुताबिक पूर्व आईएएस एके शर्मा को डिप्टी सीएम बनाया जाना तय है। उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रदेश भाजपा की कमान फिर सौंपी जाएगी। इससे पार्टी ओबीसी मतदाताओं को लुभाने का जाल फेंकेंगी।


दरअसल 2022 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश सरकार के दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार के लिए पिछले कई महीनों से मंथन चल रही है। पार्टी के विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और यूपी भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह इस विस्तार में कई बड़े चेहरों को शामिल करने की सहमति दे चुके हैं। इसके साथ ही बड़े फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। यूपी में इसी साल के आखिर में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज जाएगा। इसको लेकर सभी पार्टियों  तैयारियां शुरू कर दी हैं।

*कोरोना वायरस से तीन मंत्रियों का निधन*

भारतीय जनता पार्टी भी मौजूदा सरकार के दूसरे मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर लंबे वक्त से योजना बना रही थी। 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का गठन हुआ था। उसके बाद 22 अगस्त 2019 को योगी सरकार ने अपना पहला मंत्रिमंडल विस्तार किया। तब 56 सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था। हालांकि कोरोना वायरस की वजह से तीन मंत्रियों का निधन हो चुका है। कोविड की पहली लहर में मंत्री चेतन चौहान और कमल रानी वरुण का निधन हो गया था। राज्य मंत्री विजय कुमार कश्यप का अभी हाल ही में देहांत हो गया। इसके बाद ये मंत्रालय भी खाली हैं।

*6 मंत्री पद रिक्त हैं*

संख्या के हिसाब से यूपी में अधिकतम 60 कैबिनेट मंत्रियों को कार्यभार दिया जा सकता है। मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में 6 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। राज्य सरकार उनके काम से संतुष्ट थी। तीन नए चेहरों को मौका दिया गया और उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया था। इस तरह कुल 6 स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों ने शपथ ली थी। इस वक्त यूपी में कुल 54 कैबीनेट मंत्री जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। योगी सरकार के मंत्रीमंडल में 23 कैबिनेट मंत्री, 22 राज्य मंत्री और 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री हैं। 6 मंत्री पद अभी भी रिक्त हैं। अगर योगी सरकार अपने किसी मौजूदा मंत्री को नहीं हटाती है, तो भी उसे 6 नए मंत्री बनाने का मौका मिलेगा। लेकिन कोरोना महामारी के दौरान बिगड़ी छवि और पंचायत चुनाव में मिली हार से भारतीय जनता पार्टी सकते में हैं। पार्टी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चिंतित हैं। पार्टी के विश्वस्त सुत्रों के मुताबिक योगी सरकार कैबिनेट में कुछ नए विधायकों को शामिल करेगी। ताकि सियासी समीकरणों को साधने का दांव चल सके।

*अरविंद कुमार शर्मा बनेंगे उपमुख्यमंत्री*

बड़े बदलाव में महत्वपूर्ण नाम गुजरात कैडर से आईएएस की नौकरी छोड़कर आए अरविंद कुमार शर्मा का है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अरविंद कुमार शर्मा को राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। अरविंद कुमार शर्मा अभी उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य हैं। वह महामारी के दौरान वाराणसी समेत पूर्वांचल में सक्रिय रहे हैं। उन्हें वाराणसी में कोरोनावायरस की रोकथाम करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अरविंद कुमार शर्मा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी प्रशासनिक अधिकारियों में गिना जाता है। वह गुजरात कैडर के आईएएस थे। करीब 3 महीने पहले स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में आए हैं। इस तरह एक उपमुख्यमंत्री की जगह खाली की जाएगी। 

*केशव प्रसाद मौर्य को यूपी भाजपा का अध्यक्ष बनाया जाएगा*

मौजूदा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को एक बार फिर उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की कमान सौंपने की तैयारी कर ली गई है। दरअसल, राज्य में विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने वाला है। ऐसे में पार्टी को एक सशक्त प्रदेश अध्यक्ष की आवश्यकता है। स्वतंत्र देव सिंह पुराने और कर्मठ कार्यकर्ता हैं, लेकिन उनकी छवि सौम्य स्वभाव वाली है। ऐसे में आने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर संगठन पर कड़ाई से पकड़ रखने वाले अध्यक्ष की जरूरत है। लिहाजा, केशव प्रसाद मौर्य को एक बार फिर यूपी बीजेपी की कमान सौंपने का फैसला ले लिया गया है। आपको बता दें कि वर्ष 2017 का विधानसभा चुनाव भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ही लड़ा था। वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के दावेदारों में भी शामिल थे, लेकिन उन्हें पार्टी ने उपमुख्यमंत्री बनाकर उनसे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी वापस ले ली थी।

*मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष की राज्य सरकार में वापसी होगी*

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह को एक बार फिर राज्य सरकार में वापस भेजा जाएगा। वह प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त होने से पहले राज्य सरकार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर इंडिपेंडेंट चार्ज थे। अब जानकारी मिल रही है कि उन्हें योगी मंत्रिमंडल में कैबिनेट मिनिस्टर बनाकर वापस भेजा जाएगा। ऐसे में यह भी तय माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के संगठन में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया जा सकता है। इसके अलावा योगी आदित्यनाथ सरकार में सात-आठ नए चेहरे देखने को मिलेंगे। भाजपा योगी मंत्रिमंडल का पुनर्गठन करके राज्य में क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को साधने का प्रयास करेगी।

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