पकड़ा गया अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल एक्सचेंज सेंटर,
अन्य खबरे May 26, 2021 at 05:42 PM , 514नोएडा।
गौतमबुद्ध नगर में फर्जी कॉल सेंटर के काले कारोबार की जड़ें बेहद गहरी हैं। मंगलवार की रात नोएडा पुलिस ने एक अवैध अंतरराष्ट्रीय कॉल एक्सचेंज का पर्दाफाश करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से बड़ी मात्रा में सिम कार्ड, सिम बॉक्स, सर्वर, लैपटॉप, सीपीयू, नकदी आदि बरामद की गई है। गुप्तचर एजेंसी (IB) की भी एक टीम नोएडा पहुंची है। एजेंसी आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं। माना जा रहा है कि गिरोह के सदस्य देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं।
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि ये लोग अरब देशों से आने वाली अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल को गेटवे के माध्यम से सिस्को का सर्वर प्रयोग कर लोकल कॉल में बदल देते थे। इस तरह ये लोग रोजाना भारत सरकार को लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान कर रहे थे। नोएडा फेज-3 थाना पुलिस ने भी इसी रैकेट के एक दफ्तर पर छापेमारी कर बरामदगी की। छापेमारी में 160 से ज्यादा सीपीयू बरामद किए गए हैं। इस गिरोह की जड़ें मुरादाबाद से जुड़ी हैं। मुरादाबाद में भी छापेमारी की गई है।
*160 से ज्यादा सीपीयू बरामद किए गए हैं*
सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश वर्मा ने बताया कि एक सूचना के आधार पर नोएडा की थाना सेक्टर-58 पुलिस, टाटा मोबाइल कंपनी तथा दूरसंचार विभाग की टीम ने बीती रात सेक्टर-62 स्थित आइथम टॉवर पर संयुक्त रूप से छापा मारा। मौके से ओवैस आलम मलिक, पुष्पेंद्र कुमार तथा पवन कुमार को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि ये लोग टॉवर में अवैध रूप से अंतरराष्ट्रीय कॉल एक्सचेंज चला रहे थे। उनके पास से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हासिल किए गए 150 सिम कार्ड, कई सिम बॉक्स, पांच सर्वर, इंटरनेट सर्वर, लैपटॉप, डेस्कटॉप, इंटरनेट कॉल सर्वर, नकदी आदि बरामद हुई है। छापेमारी में 160 से ज्यादा सीपीयू बरामद किए गए हैं।
*मोबाइल फोन की लोकेशन का पता नहीं चलता*
अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ओवैस आलम मलिक ने बताया कि वे अरब देशों से आने वाली ‘वॉयस कॉल’ को गेटवे के माध्यम से सिस्को के सर्वर और पीआरआई के जरिए लोकल कॉल में बदल देते थे। पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि इन लोगों ने टाटा कंपनी से डीलरशिप ली थी और ये सिम बॉक्स का प्रयोग कर कॉल करवाते थे। सिम बॉक्स लगने की वजह से मोबाइल फोन की लोकेशन का पता नहीं चलता।
*देश की सुरक्षा को खतरा था*
रजनीश वर्मा ने कहा कि इससे देश की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता था। इस एक्सचेंज के माध्यम से विदेश में रहने वाली कोई राष्ट्रद्रोही ताकत अगर किसी से संपर्क करती, तो वह कॉल ट्रेस नहीं हो पाती। अधिकारी ने कहा कि गिरफ्तार आरोपियों से गुप्तचर एजेंसियों के अधिकारी भी पूछताछ कर रहे हैं। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि अब तक इन लोगों ने किन-किन लोगों से भारत में किस-किस की बात कराई। अब तक भारत सरकार को कितनी रकम का चूना लगाया। आरोपी मलिक मुरादाबाद का रहने वाला है। उसने अपने घर पर भी एक एक्सचेंज लगा रखा है। इस बारे में मुरादाबाद पुलिस को सूचना दे दी गई है और वहां की पुलिस भी कार्रवाई कर रही है।



























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