अथॉरिटी के दो अफसरों ने किया 12 करोड़ का घोटाला, एफआईआर दर्ज
अन्य खबरे May 21, 2021 at 11:24 AM , 290नोएडा ।
नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) में भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामले में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। प्राधिकरण के विधिक अधिकारी ने प्राधिकरण कार्यालय में तैनात विधि सलाहकार दिनेश कुमार सिंह और निवर्तमान सहायक विधिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह नागर समेत तीन लोगों के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में धोखाधड़ी व षड्यंत्र करने का मुकदमा दर्ज करवाया है। आरोप है कि इन लोगों ने गेझा गांव की एक जमीन के अधिग्रहण को लेकर फर्जीवाड़ा किया है। जिसमें प्राधिकरण को 12 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया है। इस मामले की जांच पुलिस की टीम कर रही है।
*मुआवजा बढ़वाने के लिए किसान ने मुकदमा किया*
पुलिस के मुताबिक नोएडा प्राधिकरण के विधिक अधिकारी सुशील भाटी ने पुलिस से शिकायत की है कि वर्ष 1982 में राजस्व ग्राम गेझा तिलपताबाद के रहने वाले फुंदन की जमीन को अधिग्रहित किया गया था। इसके बाद उसने मुआवजे से असंतुष्ट होकर जिला कोर्ट में याचिका दायर की थी। वर्ष 1993 में कोर्ट ने इस मामले का निस्तारण किया था। इस मामले में 22 वर्ष बाद 2015 में फुंदन की इकलौती बेटी रामवती की ओर से मुआवजे को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले को खारिज कर दिया था। आरोप है कि रामवती ने मामले को हाईकोर्ट में लंबित बताकर प्राधिकरण के सीईओ को समझौते के लिए आवेदन दिया था।
*दोनों लॉ अफसर ने खारिज मामले को लंबित बताया*
सीईओ कार्यालय ने रामवती के प्रत्यावेदन को तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी विरेंद्र सिंह नागर के पास भेजा था। उन्होंने इसे विधि सलाहकार दिनेश कुमार सिंह को अग्रसारित कर दिया था। आरोप है कि इन लोगों ने फर्जीवाड़ा करते हुए प्राधिकरण को करीब 12 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा दिया। आरोप है कि दोनों अधिकारियों ने गलत तरीके से जांच को आगे बढ़ाया और रामवती की हाईकोर्ट की याचिका को लंबित बताकर उसे बढ़ा हुआ मुआवजा दिलवा दिया गया। जबकि रामवती की याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।
*पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की*
कोतवाली सेक्टर-20 के प्रभारी निरीक्षक मुनीश प्रताप सिंह ने बताया कि प्राधिकरण के विधिक अधिकारी सुशील भाटी की शिकायत पर विधि सलाहकार दिनेश कुमार सिंह, तत्कालीन सहायक विधिक अधिकारी वीरेंद्र सिंह नागर और रामवती के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले में जांच शुरू हो गई है ।



























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