5 फरवरी से शुरू होंगी यूपी बोर्ड परीक्षाएं, समय से पाठ्यक्रम पूरा कराने के लिए बनेगा ‘रिवर्स टाइम टेबल’
अन्य खबरे Oct 28, 2026 at 05:45 PM , 12**अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शिक्षकों और अधिकारियों को दिए निर्देश, कमजोर विद्यार्थियों के लिए 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान और निपुण असेसमेंट पर भी जोर**
**लखनऊ, 28 अक्टूबर 2026।** उत्तर प्रदेश में आगामी बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर शिक्षा विभाग ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। अपर मुख्य सचिव, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू होंगी। ऐसे में शिक्षक ‘रिवर्स टाइम टेबल’ बनाकर निर्धारित समय में पाठ्यक्रम पूरा कराएं, ताकि विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले पर्याप्त समय पुनरावृत्ति और अभ्यास के लिए मिल सके।
बुधवार को राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान (SIET), निशातगंज, लखनऊ से आयोजित विशेष यूट्यूब लाइव मार्गदर्शन सत्र में उन्होंने प्रदेशभर के शिक्षकों, प्रधानाचार्यों, मेंटर्स, शिक्षा अधिकारियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों से संवाद किया। इस दौरान शैक्षिक सत्र 2026-27 की प्राथमिकताओं, विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार और बोर्ड परीक्षाओं की समयबद्ध तैयारी पर दिशा-निर्देश दिए गए।
## मॉडल पेपर से करें परीक्षा का अभ्यास
अपर मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध मॉडल प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास करें। विद्यार्थियों को ढाई से तीन घंटे तक बैठकर वास्तविक परीक्षा की तरह मॉक टेस्ट देने चाहिए, जिससे समय प्रबंधन और उत्तर लेखन में सुधार हो सके।
उन्होंने कहा कि उत्तर पुस्तिका में उत्तरों को स्पष्ट और व्यवस्थित ढंग से लिखना जरूरी है। विद्यार्थी जहां संभव हो, बिंदुवार उत्तर दें, महत्वपूर्ण तथ्यों को रेखांकित करें और आवश्यकतानुसार चार्ट, ग्राफ तथा डायग्राम का उपयोग करें। शब्द सीमा का ध्यान रखने से उत्तर अधिक प्रभावी बनाए जा सकते हैं।
## परीक्षा के तनाव से दूर रहें विद्यार्थी
परीक्षा की तैयारी के साथ विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी जोर दिया गया। पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों पर अंकों का अनावश्यक दबाव न बनाएं।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 मिनट खेलकूद के लिए निकालने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा जीवन की अंतिम परीक्षा नहीं है और अंक ही सफलता का एकमात्र पैमाना नहीं हैं। जरूरत पड़ने पर विद्यार्थी और अभिभावक टेली-काउंसलिंग सेवाओं का लाभ भी ले सकते हैं।
## कक्षा पांच तक विस्तारित होगा निपुण भारत मिशन
शिक्षा विभाग की प्राथमिकताओं में निपुण भारत मिशन भी शामिल है। अपर मुख्य सचिव के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने मूलभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के लक्ष्यों को बालवाटिका और कक्षा एक-दो से आगे बढ़ाकर कक्षा पांच तक विस्तारित किया है।
इसके लिए सरल शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और ‘निपुण तालिका’ तथा ‘निपुण ऐप प्लस’ तैयार किए गए हैं। इस शैक्षिक सत्र में निपुण असेसमेंट दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहला चरण 20 से 30 दिसंबर और दूसरा चरण 20 से 30 जनवरी के बीच प्रस्तावित है।
मूल्यांकन डीएलएड और बीटीसी प्रशिक्षुओं के माध्यम से कराया जाएगा। इसके लिए डायट प्राचार्यों को प्रशिक्षुओं को निष्पक्ष और त्रुटिरहित मूल्यांकन के लिए तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि निपुण असेसमेंट का उद्देश्य किसी विद्यालय को दंडित करना या उसका महिमामंडन करना नहीं, बल्कि शैक्षणिक कमियों की पहचान कर सुधार के लिए जरूरी कदम उठाना है।
## कमजोर विद्यार्थियों के लिए 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान
विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए विभाग ने 22-सूत्रीय कैच-अप प्लान लागू करने पर जोर दिया है। इसके तहत शिक्षकों को प्रतिदिन 30 मिनट से एक घंटे तक कमजोर विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त शिक्षण यानी रेमेडियल टीचिंग का समय निर्धारित करने को कहा गया है।
इसके साथ ही कक्षा में सहपाठी शिक्षण (पीयर लर्निंग) को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी अपने साथियों की पढ़ाई में मदद कर सकें। विभाग का जोर यह सुनिश्चित करने पर है कि कोई भी विद्यार्थी सीखने की प्रक्रिया में पीछे न छूटे।
## प्रयोगशालाएं और स्मार्ट क्लास होंगी सक्रिय
अपर मुख्य सचिव ने जूनियर हाईस्कूल और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को कंपोजिट ग्रांट का उचित उपयोग करते हुए विज्ञान, गृह विज्ञान और भूगोल की प्रयोगशालाओं को सक्रिय करने के निर्देश दिए। प्रयोगात्मक परीक्षाओं से पहले आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
विद्यालयों में स्थापित स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब को नियमित शिक्षण प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही गई। शिक्षकों के नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘उद्गम’ पोर्टल का उपयोग बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। विभागीय जानकारी के अनुसार, इस पोर्टल पर अब तक 200 से अधिक नवाचार अपलोड किए जा चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, शिक्षक संकुल की बैठकें विद्यालय अवधि में अलग-अलग स्कूलों में रोटेशन के आधार पर आयोजित करने का सुझाव दिया गया, जिससे शिक्षक एक-दूसरे के अनुभवों और नवाचारों को साझा कर सकें।
## शिक्षक भर्ती और रिक्तियों पर भी चर्चा
शिक्षा विभाग में रिक्त पदों और शिक्षक उपलब्धता के मुद्दे पर भी दिशा-निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार एकल शिक्षक वाले विद्यालयों में सरप्लस शिक्षकों का समायोजन किया जा रहा है।
उन्होंने नगर क्षेत्रों में 11,000 शिक्षकों की भर्ती तथा माध्यमिक और सहायता प्राप्त विद्यालयों में 17,000 से अधिक टीजीटी, पीजीटी और प्रधानाध्यापकों की भर्ती प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भर्ती निर्धारित एनसीटीई मानकों के अनुरूप की जाएगी।
साथ ही, प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को रिक्तियों का आकलन करने और 31 मई तक संबंधित आयोगों को अधियाचन भेजने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया।
## नवंबर से बच्चों को मिलेगा गर्म हलवा और उपमा
पीएम पोषण योजना के तहत कक्षा आठ तक के विद्यार्थियों को नवंबर से शुरू होने वाली 14 सप्ताह की अवधि में पूरक पोषण के रूप में गर्म और ताजा हलवा तथा उपमा परोसे जाने की जानकारी दी गई।
इसके लिए रसोइयों को अतिरिक्त पारिश्रमिक देने और भोजन की गुणवत्ता बेहतर बनाने के उद्देश्य से नवंबर-दिसंबर में उत्कृष्ट रसोइयों की प्रतियोगिता आयोजित कर उन्हें पुरस्कृत करने की बात भी कही गई।
**शिक्षा विभाग का जोर पाठ्यक्रम समय पर पूरा कराने, कमजोर विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार, परीक्षा के तनाव को कम करने और विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर है।**






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