**यूपी में हुक्का बार पर हाईकोर्ट की सख्ती, स्मोकिंग जोन में भी नहीं मिलेगी हुक्का सेवा**
जनपत की खबर Sep 29, 2026 at 04:05 PM , 16 **लखनऊ।** उत्तर प्रदेश में हुक्का बार के संचालन को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि रेस्तरां, कैफे अथवा अन्य सार्वजनिक स्थानों के निर्धारित **स्मोकिंग एरिया में भी ग्राहकों को हुक्का उपलब्ध या सर्व नहीं कराया जा सकता।**
न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति ए.के. चौधरी की खंडपीठ ने हुक्का बार संचालकों से जुड़ी 80 याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि निर्धारित धूम्रपान क्षेत्र सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंध का केवल सीमित अपवाद है। वहां **किसी भी प्रकार की सेवा** की अनुमति नहीं है।
अदालत ने हुक्का तैयार करने, उसमें तंबाकू भरने, अंगारा लगाने, ग्राहक तक पहुंचाने और अंगारा बदलने जैसी गतिविधियों को सेवा के दायरे में माना। याचिकाकर्ताओं की **‘सेल्फ सर्विस’** की दलील भी अदालत ने स्वीकार नहीं की। इसी तरह तैयार हुक्का ग्राहक को देकर इसे **‘किराये पर उपकरण देने’** की संज्ञा देने की दलील भी खारिज कर दी गई।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निकाय हुक्का बार संचालन के लिए अलग लाइसेंस जारी नहीं कर सकते। वहीं, **COTPA** के तहत पुलिस को कानून के उल्लंघन पर तलाशी, जब्ती और अन्य वैधानिक कार्रवाई करने की शक्तियां प्राप्त हैं।
अदालत ने सार्वजनिक स्थानों पर गैर-धूम्रपान करने वाले लोगों के **स्वच्छ हवा में सांस लेने के अधिकार** पर भी जोर दिया। फैसले की प्रति उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को आवश्यक अनुपालन के लिए भेजने का निर्देश दिया गया है।






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