खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा निवेश, युवाओं एवं महिला उद्यमियों का बढ़ा रुझान : श्री केशव प्रसाद मौर्य

जनपत की खबर , 10

खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत 16 नवीन प्रस्तावों पर अप्रेजल समिति द्वारा की गयी संस्तुति 

कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों की आय, रोजगार और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

लखनऊ: 19 अगस्त 2026

उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि प्रदेश सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने, कृषि आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने, किसानों की आय में वृद्धि तथा व्यापक रोजगार सृजन के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि नीति के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से सामने आने लगे हैं। निवेश प्रस्तावों के त्वरित एवं पारदर्शी निस्तारण से प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के प्रति निवेशकों का विश्वास लगातार मजबूत हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में निवेश, औद्योगिक विकास, कृषि मूल्य संवर्धन, रोजगार सृजन तथा किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य को नई गति मिलेगी और उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी खाद्य प्रसंस्करण राज्यों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत उत्साहजनक है कि प्रदेश के नवयुवकों का रुझान पारम्परिक एवं पुश्तैनी व्यवसायों से आगे बढ़कर आधुनिक खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना की ओर बढ़ रहा है। साथ ही महिला उद्यमी भी इस क्षेत्र में बढ़-चढ़कर निवेश कर रही हैं, जो प्रदेश में उद्यमिता एवं महिला सशक्तिकरण के लिए शुभ संकेत है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए सुरक्षित, अनुकूल एवं आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग श्री बी.एल. मीणा की अध्यक्षता में बुधवार  को खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के अंतर्गत गठित अप्रेजल समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में अवगत कराया गया कि दिनांक 19 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से कुल 16 नवीन आवेदन प्राप्त हुए हैं। प्राप्त सभी 16 नवीन प्रस्तावों को अप्रेजल समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया, समिति द्वारा विभिन्न खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार से संबंधित प्रस्तावों पर विचार किया गया। प्रस्तावों में दालिया, सूजी एवं मैक्रोनी उत्पादन, सोलर पावर प्लांट, कुट्टू प्रोसेसिंग, आटा एवं दलिया निर्माण, ट्रांसपोर्टेशन एवं लॉजिस्टिक सेवाएं, कैटल एवं पोल्ट्री फीड निर्माण, रेडी-टू-ईट उत्पादन, मेक्रोनी एवं पास्ता निर्माण, इंटीग्रेटेड मिल्क प्रोसेसिंग एवं डेयरी उत्पाद, पेठा निर्माण, हींग निर्माण, सोया चंक एवं गेन्यूअल की इकाइयां, आलू फ्लेक्स तथा विभिन्न दुग्ध उत्पादों से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं।

समिति द्वारा नीति-2023 में निर्धारित शर्तों के अनुपालन के साथ पात्र प्रस्तावों को एसएलइसी के समक्ष प्रस्तुत किए जाने की संस्तुति की गई। संबंधित इकाइयों को आवश्यक प्रमाण-पत्र, आयकर एवं जीएसटी रिटर्न तथा अन्य अपेक्षित अभिलेख निर्धारित समय में उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि जहां आवश्यक हो, इकाइयों द्वारा स्थानीय कृषकों से रॉ मटेरियल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा प्लांट एवं मशीनरी से संबंधित आवश्यक दस्तावेज, प्लान मैप फायर एवं प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र सक्षम प्राधिकारी से प्राप्त किए जाएं।समिति ने आवेदकों को निर्धारित शर्तों एवं समय-सीमा का अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही, टर्नओवर एवं बैंक संबंधी प्रमाणित दस्तावेजों को नियमानुसार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। अप्रेजल समिति द्वारा लिए गए निर्णयों के अनुपालन में संबंधित प्रस्तावों की अग्रिम कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी। बैठक के अंत में समिति द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार आवश्यक अभिलेख एवं प्रमाण-पत्र निर्धारित माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण विभाग को उपलब्ध कराने की अपेक्षा की गई।

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