संस्थागत प्रसव बढ़ने से मातृ मृत्यु दर में आई बड़ी गिरावट: योगी सरकार

जनपत की खबर , 34

**जननी सुरक्षा योजना से सुरक्षित प्रसव को बढ़ावा, 1 अप्रैल से 9 अगस्त तक प्रदेश में 7.17 लाख से अधिक संस्थागत प्रसव**
 
लखनऊ, 20 अगस्त। उत्तर प्रदेश में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य को सुरक्षित करने के लिए संचालित जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई) के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 9 अगस्त 2026 तक प्रदेश में **7,17,736 संस्थागत प्रसव** दर्ज किए गए हैं। सरकार के अनुसार संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के प्रयासों से मातृ मृत्यु दर को कम करने में भी मदद मिली है।
 
स्वास्थ्य सचिव एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ. पिंकी जोवल ने बताया कि जननी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को 1,400 रुपये और शहरी क्षेत्र की महिलाओं को 1,000 रुपये की सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को घर पर प्रसव के बजाय अस्पताल अथवा स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित प्रसव के लिए प्रोत्साहित करना है।
 
उन्होंने बताया कि योजना के तहत 1 अप्रैल से 9 अगस्त तक हुए 7,17,736 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष **5,43,661 लाभार्थियों का भुगतान** किया जा चुका है। हाथरस, मैनपुरी, फिरोजाबाद, हरदोई, कानपुर देहात, मुजफ्फरनगर, जौनपुर, बागपत, अंबेडकरनगर और सोनभद्र में 80 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों को भुगतान किया जा चुका है।
 
वहीं सिद्धार्थनगर, बहराइच और अलीगढ़ में 50 प्रतिशत या उससे कम भुगतान होने पर स्थानीय अधिकारियों को सभी बाधाएं दूर करते हुए शत-प्रतिशत लाभार्थियों का भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
 
### संस्थागत प्रसव से मां और नवजात दोनों की सुरक्षा
 
केजीएमयू की स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल के अनुसार संस्थागत प्रसव केवल प्रसव का स्थान बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मां और नवजात दोनों की सुरक्षा से जुड़ा है। अस्पताल में प्रसव होने पर जटिलताओं की समय रहते पहचान और उपचार संभव होता है। जरूरत पड़ने पर प्रशिक्षित चिकित्सक, स्टाफ नर्स, दवाएं, रक्त और आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं, जिससे मातृ एवं नवजात मृत्यु के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
 
### आशा कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका
 
जननी सुरक्षा योजना का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के फील्ड कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। वे गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, संस्थागत प्रसव और सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देने के साथ उन्हें समय पर स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचाने में सहयोग करती हैं।
 
सरकार का जोर संस्थागत प्रसव के साथ-साथ लाभार्थियों को योजना की आर्थिक सहायता समय से उपलब्ध कराने पर भी है, ताकि सुरक्षित मातृत्व की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ प्रदेश की अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंच सके।

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