चकबंदी प्रक्रियाओं में तेजी के निर्देश, किसानों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से मिलेगी राहत
अन्य खबरे Aug 19, 2026 at 08:52 PM , 16**चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने अधिकारियों को दिए दो महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश, 267 गांवों की चक निगरानियों का सितंबर तक होगा निस्तारण**
लखनऊ। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने चकबंदी प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने, किसानों को अनावश्यक मुकदमेबाजी से बचाने और लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दो महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
चकबंदी आयुक्त ने कहा कि कई मामलों में पर्याप्त कारण या आधार के बिना प्रारंभिक अथवा परिष्कृत चकबंदी योजना को निरस्त कर गांवों को फिर शुरुआती स्तर पर भेज दिया जाता है। इससे किसानों की समस्याएं बढ़ने के साथ ही चकबंदी प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब, मुकदमेबाजी और विधिक विसंगतियां उत्पन्न होती हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि आपत्ति अथवा अपील की सुनवाई के दौरान चकबंदी अधिकारी अपने स्तर पर योजना में आवश्यक सुधार का प्रयास करें। यदि योजना में अधिनियम की धारा-19 की शर्तों से अत्यधिक विचलन हो और सुधार संभव न हो, तभी प्रत्यावर्तन पर विचार किया जाए। ऐसे मामलों में सभी संबंधित खातेदारों को सुनना अनिवार्य होगा। साथ ही जिलाधिकारी अथवा जिला उप संचालक चकबंदी की संस्तुति के साथ प्रस्ताव भेजकर चकबंदी आयुक्त कार्यालय से लिखित पूर्व अनुमति प्राप्त करने के बाद ही प्रत्यावर्तन का आदेश जारी किया जाएगा।
### 267 गांवों की चक निगरानियों का विशेष अभियान
चकबंदी आयुक्त ने कब्जा परिवर्तन पूर्ण हो चुके गांवों में चक निगरानियों के समयबद्ध निस्तारण पर भी विशेष जोर दिया। वर्तमान सत्र में प्रदेश के 267 गांवों में कब्जा परिवर्तन का कार्य पूरा हो चुका है। धारा-27 के तहत अंतिम अभिलेख तैयार करने और धारा-52 के निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के लिए धारा-48 के तहत प्राप्त चक निगरानियों का समयबद्ध निस्तारण जरूरी है।
सभी उप संचालक चकबंदी को निर्देश दिए गए हैं कि वर्तमान सत्र के 267 गांवों के साथ पूर्व में कब्जा परिवर्तन पूर्ण हो चुके गांवों की चक निगरानियों का भी विशेष अभियान चलाकर **सितंबर 2026 तक हर हाल में निस्तारण** सुनिश्चित करें और इसकी सूचना निदेशालय को उपलब्ध कराएं।
सभी बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी को संबंधित गांवों की सूची एवं कार्यवाही पुस्तिका उपलब्ध कराकर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं। इस अभियान का उद्देश्य चकबंदी प्रक्रिया में तेजी लाने, अधिकारियों की जवाबदेही तय करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा राजस्व अभिलेखों को समय से अंतिम रूप देना है।



























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