आजादी का मतलब अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से सर्वथा मुक्ति: योगी
जनपत की खबर Aug 15, 2026 at 12:20 PM , 23**मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर 5 कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर फहराया तिरंगा, देश को कमजोर करने वाली ताकतों से सतर्क रहने का किया आह्वान**
**लखनऊ, 15 अगस्त।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास **5, कालिदास मार्ग** पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने राष्ट्रनायकों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीर जवानों के प्रति श्रद्धा निवेदित करते हुए प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी का मतलब केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं है, बल्कि **अराजकता, पिछड़ेपन, गरीबी, अशिक्षा और असमानता से भी सर्वथा मुक्ति** है। भारत ने स्वतंत्रता के 79 वर्ष पूरे कर 80वें स्वतंत्रता दिवस में प्रवेश किया है। यह अवसर केवल समारोह तक सीमित रहने का नहीं, बल्कि संपूर्ण आजादी के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि आजादी को लंबे समय तक बनाए रखना है तो किसी व्यक्ति, जाति या संप्रदाय को नहीं, बल्कि देश के **140 करोड़ नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में योगदान** देना होगा।
### विदेशी दासता से मुक्ति ही था रणबांकुरों का ध्येय
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप 1947 में भारत को स्वाधीनता प्राप्त हुई। आज प्रत्येक भारतवासी जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहा है, वह भारत माता के महान सपूतों और बलिदानियों के त्याग, तपस्या और संघर्ष का परिणाम है।
उन्होंने कहा कि देश अंतरविरोधों और षड्यंत्रों के कारण गुलाम हुआ, लेकिन भारत ने मन और मस्तिष्क से कभी गुलामी स्वीकार नहीं की। अलग-अलग क्षेत्रों में समय-समय पर गुलामी के खिलाफ संघर्ष और आंदोलन हुए। **1857 का प्रथम स्वातंत्र्य समर** देश की सामूहिक स्वतंत्रता की लड़ाई का महत्वपूर्ण पड़ाव था।
मंगल पांडेय, रानी लक्ष्मीबाई और धनसिंह कोतवाल जैसे वीरों के नेतृत्व में देश के विभिन्न हिस्सों में स्वतंत्रता की लौ जल उठी थी। सभी के मन में एक ही संकल्प था कि देश को विदेशी दासता से मुक्त कराना है।
### 25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से हुए मुक्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1947 में देश के सामने अराजकता, अशिक्षा, पिछड़ापन और असमानता जैसी अनेक चुनौतियां थीं। पिछले आठ दशकों में इन समस्याओं के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। इसका परिणाम है कि देश में **25 करोड़ लोग बहुआयामी गरीबी से मुक्त हुए हैं**।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का दायरा बढ़ा है और बिना भेदभाव समाज के प्रत्येक वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है। विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं का विकास हुआ है और लोगों के जीवन को सहज एवं सरल बनाने वाले बदलावों के परिणाम अब दिखाई दे रहे हैं।
### चार वर्गों पर केंद्रित योजनाओं से बदलाव
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस आह्वान का उल्लेख किया, जिसमें देश के विकास के लिए **गरीब, युवा, महिला और किसान** को चार प्रमुख वर्गों के रूप में केंद्रित करने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि इन वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं बनाई गईं और उन्हें धरातल पर उतारने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति भी दिखाई गई। **डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT)** के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाने का काम हुआ है।
युवाओं के लिए मिशन रोजगार सहित विभिन्न पहल के माध्यम से नए अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। आधुनिक तकनीक के अनुरूप युवाओं को तैयार करने के लिए नए प्लेटफॉर्म और संस्थान विकसित किए गए हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए मेडिकल कॉलेजों और एम्स की नई श्रृंखला खड़ी हुई है।
### आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर से बदल रही तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का तेजी से विकास हुआ है। रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार हुआ है तथा मेट्रो और रैपिड रेल जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं। **अमृत भारत, वंदे भारत और नमो भारत** जैसी आधुनिक सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के माध्यम से विश्वस्तरीय सुविधाएं आम नागरिकों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत आज हर क्षेत्र में नए प्रतिमान स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। जब देश को यशस्वी नेतृत्व मिलता है और सामूहिक शक्ति एक स्वर में आगे बढ़ती है तो उसके परिणाम सामने आते हैं।
### चौरीचौरा और काकोरी जैसे आंदोलनों को किया याद
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में देश के अलग-अलग हिस्सों से वीरों ने नेतृत्व किया। राजस्थान में महाराणा प्रताप, पंजाब में गुरु गोविंद सिंह और महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने-अपने समय में विदेशी शक्तियों के खिलाफ संघर्ष को दिशा दी।
उन्होंने कहा कि 1857 के सामूहिक संघर्ष के बाद भी क्रांतिकारियों ने अलग-अलग क्षेत्रों में स्वतंत्रता की भावना को जीवंत रखा। **गोरखपुर का चौरीचौरा और लखनऊ का काकोरी ट्रेन एक्शन** इसी संघर्ष की महत्वपूर्ण घटनाएं थीं।
### देश की सुरक्षा में बलिदान देने वाले जवानों को नमन
मुख्यमंत्री ने भारत माता के उन वीर बलिदानियों और क्रांतिकारियों को नमन किया, जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई को आगे बढ़ाया। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस सहित देश के महान राष्ट्रनायकों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।
उन्होंने आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले क्रांतिकारियों तथा स्वतंत्र भारत में देश की सीमाओं और आंतरिक सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले जवानों को भी नमन किया।
### कीर्ति चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर सुनील कुमार को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए भी यह दिन महत्वपूर्ण है। प्रदेश पुलिस के जांबाज इंस्पेक्टर **सुनील कुमार** को कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था स्थापित करने और अपराधियों के खिलाफ **जीरो टॉलरेंस की नीति** को प्रभावी ढंग से लागू करने के संकल्प को मजबूत करने वाले उनके बलिदान को याद करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार से सम्मानित उत्तर प्रदेश के अन्य अधिकारियों और कार्मिकों को भी बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपने-अपने क्षेत्र में पूरी निष्ठा से योगदान देता है तो देश की स्वतंत्रता की यात्रा अनंत काल तक और अधिक यशस्वी ढंग से आगे बढ़ती रहेगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
































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