देशभक्ति से सराबोर हुआ बेसिक विद्यालय अलीनगर सुनहरा, नन्हे-मुन्नों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

राष्ट्रीय , 90

**प्रीतम सिंह ने फहराया तिरंगा, बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम और विभाजन की त्रासदी से कराया परिचित—15 विद्यार्थियों को किया गया पुरस्कृत**
 
**लखनऊ।** नगर क्षेत्र जोन 1 के बेसिक विद्यालय अलीनगर सुनहरा में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय परिसर तिरंगे के रंग में रंगा नजर आया और बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के भाव से भर दिया। कार्यक्रम में **पार्षद प्रतिनिधि एवं भाजपा मंडल मंत्री, सरोजनीनगर दक्षिण प्रथम, प्रीतम सिंह** ने ध्वजारोहण किया। राष्ट्रगान और वंदे मातरम् के साथ समारोह का शुभारंभ हुआ।
 
ध्वजारोहण के बाद विद्यालय की छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की। इसके बाद स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों और अतिथियों को भावविभोर कर दिया।
 
 **आजादी केवल अधिकार नहीं, महान जिम्मेदारी भी है: प्रीतम सिंह**
 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए **प्रीतम सिंह** ने कहा कि आज हम जिस स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं, उसके पीछे लाखों स्वतंत्रता सेनानियों का त्याग, संघर्ष और बलिदान छिपा है। उन्होंने बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराते हुए कहा कि देश की आजादी हमें आसानी से नहीं मिली। अनगिनत वीरों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया, तब जाकर भारत ने पराधीनता की बेड़ियां तोड़ीं।
 
उन्होंने कहा कि **आजादी केवल हमारा अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी बड़ी जिम्मेदारी भी है।** देश के वीरों ने जिस भारत का सपना देखा था, उसे मजबूत और विकसित बनाना अब नई पीढ़ी का दायित्व है। बच्चों से आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, अनुशासन को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और देश के प्रति प्रेम, सम्मान तथा जिम्मेदारी की भावना सदैव अपने भीतर जीवित रखें।
 
प्रीतम सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी ही कल के भारत का नेतृत्व करेगी। इसलिए बच्चों को अपने इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम और देश के संविधान के मूल्यों को समझना चाहिए। उन्होंने विभाजन की त्रासदी का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें इतिहास से सीख लेकर सामाजिक एकता, भाईचारे और सद्भाव को मजबूत करना होगा। **देश की एकता और अखंडता ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है।**
 
**आजादी का सम्मान तभी, जब शिक्षा को बनाएंगे जीवन का आधार: राजेश जायसवाल**
 
कार्यक्रम में उपस्थित **व्यापार मंडल सुनहरा के संरक्षक राजेश जायसवाल** ने बच्चों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आजादी का वास्तविक लाभ तभी सार्थक होगा, जब देश का प्रत्येक बच्चा शिक्षित, संस्कारित और जिम्मेदार नागरिक बने।
 
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों ने जिस भारत के लिए अपना जीवन समर्पित किया, उस भारत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आज की पीढ़ी पर है। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि **शिक्षा ही वह शक्ति है, जो व्यक्ति के साथ-साथ पूरे समाज और राष्ट्र का भविष्य बदल सकती है।** इसलिए सभी विद्यार्थी नियमित रूप से विद्यालय आएं, मन लगाकर पढ़ाई करें और अपने माता-पिता तथा शिक्षकों का सम्मान करें।
 
राजेश जायसवाल ने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो यही बच्चे देश-दुनिया में अपने विद्यालय, परिवार और लखनऊ का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए बच्चों को अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
 
 **बलिदानों की कहानी जानेंगे तभी आजादी का मूल्य समझेंगे: प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पाण्डेय**
 
विद्यालय के प्रधानाध्यापक **राकेश कुमार पाण्डेय** ने अपने संबोधन में बच्चों को स्वतंत्रता संग्राम का विस्तृत परिचय कराया। उन्होंने कहा कि भारत की आजादी हजारों ज्ञात-अज्ञात वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता आंदोलन केवल कुछ महान नेताओं तक सीमित नहीं था, बल्कि देश के कोने-कोने में आम लोगों ने भी अंग्रेजी शासन के खिलाफ संघर्ष किया।
 
उन्होंने कहा कि **आजादी की कीमत वही समझ सकता है, जो उसके लिए दिए गए बलिदानों को समझता है।** बच्चों को अपने इतिहास और स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि देशभक्ति केवल नारों और कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाना ही सच्ची देशभक्ति है।
 
प्रधानाध्यापक ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं। वे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर, संस्कारवान बनकर और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की शिक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान देने की अपील की।
 
**देशभक्ति गीतों पर झूमे बच्चे, प्रस्तुतियों ने बांधा समां**
 
स्वतंत्रता दिवस समारोह में बच्चों ने एक से बढ़कर एक मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। **‘ऐ मेरे वतन के लोगों’, ‘नन्हा मुन्ना राही हूं’, ‘देश रंगीला’, ‘ढोल बाजे’ और ‘इंडिया वाले’** जैसी प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और उल्लास से भर दिया।
 
नन्हे-मुन्ने बच्चों की शानदार प्रस्तुतियों पर उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साह बढ़ाया। बच्चों की वेशभूषा, भाव-भंगिमा और प्रस्तुति ने समारोह को यादगार बना दिया।
 
 **15 विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर किया सम्मानित**
 
कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधानाध्यापक राकेश कुमार पाण्डेय द्वारा उपलब्ध कराए गए पुरस्कारों से **विद्यालय के 15 विद्यार्थियों को एसएमसी अध्यक्ष श्रीमती पप्पी राजपूत** ने पुरस्कृत किया। पुरस्कार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
 
समारोह के अंत में विद्यालय की ओर से सभी बच्चों,

अभिभावकों और अतिथियों को **खीर, पूड़ी-सब्जी, टॉफी और लड्डू** का वितरण किया गया। इससे स्वतंत्रता दिवस का उत्सव और भी उल्लासपूर्ण हो गया।
 
इस अवसर पर **शिक्षामित्र सुनीता यादव, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, अभिभावक, प्रशिक्षु तथा विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य** उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम में विद्यालय परिसर देशभक्ति, उत्साह और सामाजिक एकता के संदेश से गूंजता रहा।

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