गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी की भावपूर्ण पाती, बोले— गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की आधारशिला
जनपत की खबर Jul 27, 2026 at 10:32 AM , 2729 जुलाई को गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, गुरु-शिष्य परंपरा को बताया सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर
लखनऊ। गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु के महत्व पर आधारित एक भावपूर्ण पाती लिखी है। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का महान अवसर है। यह पर्व भारतीय संस्कृति में ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु पूर्णिमा महर्षि वेदव्यास की स्मृति में मनाई जाती है, जिन्हें वेदों के संकलन और महाभारत जैसे महान ग्रंथ की रचना का श्रेय प्राप्त है। उन्होंने बताया कि बौद्ध परंपरा में यह दिन भगवान बुद्ध के प्रथम उपदेश और धर्मचक्र प्रवर्तन का स्मृति दिवस है, जबकि जैन परंपरा में इसका संबंध गौतम स्वामी के ज्ञान-दीक्षा प्रसंग से है। सिख परंपरा में भी गुरु-वाणी को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। इस प्रकार गुरु पूर्णिमा सभी परंपराओं में गुरु, ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक पर्व है।
सीएम योगी ने कहा कि भारत की गुरु-शिष्य परंपरा हमारी सनातन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। भगवान श्रीराम ने गुरु वशिष्ठ और भगवान श्रीकृष्ण ने गुरु सांदीपनि से ज्ञान प्राप्त कर आदर्श स्थापित किए। उन्होंने कहा कि जहां गुरु का सम्मान होता है, वहीं समाज प्रगति और समृद्धि की ओर अग्रसर होता है।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के पिछले नौ वर्षों में शिक्षकों के सम्मान और सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के माध्यम से लाखों शिक्षकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस योजना से लगभग 60 लाख शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और उनके आश्रित लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि 7.5 लाख से अधिक विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय शिक्षकों को भी योजना के दायरे में शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा और उद्देश्य भी प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी नागरिकों से गुरुजनों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि गुरु का सम्मान ही विकसित समाज और विकसित प्रदेश की सच्ची आधारशिला है।































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