बेलगावी में RSS की अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक संपन्न, शाखा विस्तार, जनगणना, नशामुक्ति और शताब्दी वर्ष की योजनाओं पर मंथन
जनपत की खबर Jul 12, 2026 at 03:25 PM , 22बेलगावी (कर्नाटक)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की वार्षिक अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक रविवार को कर्नाटक के बेलगावी में संपन्न हुई। बैठक में संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर से कुल 226 कार्यकर्ता शामिल हुए। बैठक में संगठनात्मक विस्तार, प्रशिक्षण, शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों, जनगणना, सामाजिक चुनौतियों तथा समसामयिक राष्ट्रीय विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में मार्च 2026 के बाद आयोजित संघ के प्रशिक्षण वर्गों की समीक्षा करते हुए बताया गया कि इस वर्ष देशभर में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में शाखा संचालन, संघ कार्यपद्धति, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
बैठक में शाखाओं के विस्तार और कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष चर्चा हुई। सितंबर माह में अधिकतम शाखा विस्तार अभियान चलाने की रणनीति पर विचार किया गया। साथ ही संघ के शताब्दी वर्ष के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि शताब्दी वर्ष के दौरान संपर्क में आए लोगों को सामाजिक कार्यों और 'पंच परिवर्तन' अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत के वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित प्रवास कार्यक्रम पर भी चर्चा की गई।
समसामयिक विषयों पर हुई चर्चा में जनगणना, जनसांख्यिकीय असंतुलन से उत्पन्न चुनौतियाँ, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति तथा नशामुक्ति अभियान को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। इसके साथ ही संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के आयोजन की रूपरेखा पर भी विचार किया गया।
बैठक में अयोध्या स्थित श्री रामजन्मभूमि मंदिर की दानपेटी में चढ़ावे की गिनती के दौरान सामने आई कथित अनियमितता पर भी चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने इस घटना पर दुख जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि तीर्थक्षेत्र न्यास के अनुरोध पर चल रही एसआईटी और पुलिस की जांच निर्णायक परिणाम तक पहुँचेगी। साथ ही अपेक्षा व्यक्त की गई कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, जिससे रामभक्तों की आस्था प्रभावित हो।































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