योगी सरकार का बड़ा फैसला: नंद गोपाल नंदी से यूपीडा का प्रभार वापस, मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन हुआ प्राधिकरण

जनपत की खबर , 19

यूपीडा से जुड़े सभी कार्य अब अवस्थापना विकास विभाग को सौंपे गए

 

यूपीडा पर मुख्यमंत्री कार्यालय की सीधी पकड़, नंद गोपाल नंदी से वापस लिया गया प्रभार; अवस्थापना विकास विभाग को सौंपे गए सभी कार्य

 

शासन का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं से जुड़े समस्त मामलों का संचालन अब एक ही विभाग करेगा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक निर्णय लेते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) से संबंधित कार्यों के आवंटन में बड़ा बदलाव किया है। शासन द्वारा जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यूपीडा से संबंधित समस्त कार्य तत्काल प्रभाव से अवस्थापना विकास अनुभाग को हस्तांतरित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही यह माना जा रहा है कि यूपीडा का नियंत्रण अब सीधे मुख्यमंत्री के विभाग के अधीन आ गया है।

शासन के प्रशासन अनुभाग-1 द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पूर्व में यूपीडा से संबंधित विभिन्न कार्य औद्योगिक विकास अनुभाग-3 तथा अवस्थापना विकास विभाग के बीच विभाजित थे, जिससे कार्यों के संचालन एवं संबंधित पत्रावलियों के निस्तारण में व्यावहारिक कठिनाइयाँ उत्पन्न हो रही थीं। इन विसंगतियों को दूर करने और प्रशासनिक समन्वय को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

आदेश के अनुसार, यूपीडा के अधीन संचालित एक्सप्रेसवे परियोजनाओं सहित सभी संबंधित कार्य अब अवस्थापना विकास अनुभाग को आवंटित किए गए हैं। इससे परियोजनाओं के संचालन, नीति निर्धारण, समन्वय और क्रियान्वयन की प्रक्रिया एक ही विभाग के माध्यम से संचालित होगी।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यूपीडा प्रदेश की सबसे महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे परियोजनाओं—पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और अन्य अवसंरचनात्मक योजनाओं—का प्रमुख क्रियान्वयन एजेंसी है। ऐसे में इसका प्रत्यक्ष नियंत्रण मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन आने को सरकार की अवसंरचना परियोजनाओं पर और अधिक केंद्रीकृत निगरानी एवं तेज निर्णय प्रक्रिया के रूप में देखा जा रहा है।

शासनादेश पर सचिव गुरपाल श्रीवास्तव के हस्ताक्षर हैं और इसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

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