राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत रू 15 अरब 29 करोड़ से अधिक की धनराशि की स्वीकृति की गयी प्रदान

जनपत की खबर , 21

लखनऊ: 15 मई 2026

उत्तर प्रदेश  के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम मे उत्तर प्रदेश शासन  द्वारा 
वित्तीय वर्ष 2026-27 में एन०आर०एल०एम० योजनान्तर्गत एस०एन०ए० स्पर्श माडयूल के अंतर्गत भारत सरकार द्वारा स्वीकृत मदर सैक्शन के सापेक्ष अनुदान सं0-13 (सामान्य मद) के अंतर्गत केन्द्रांश की धनराशि रू0 91794.64 लाख के सापेक्ष राज्यांश की धनराशि रू0 61196.427 लाख इस प्रकार कुल रू0 152991.067 लाख (रुपये पन्द्रह अरब उन्तीस करोड इक्यानबे लाख छ हजार सात सौ मात्र) को अवमुक्त कर आयुक्त, ग्राम्य विकास के निवर्तन पर रखे जाने एवं व्यय किये जाने की  स्वीकृति निर्धारित शर्तों एवं प्रतिबन्धों के अधीन  प्रदान की गयी है।
जारी शासनादेश मे निर्देश दिये गये है कि 
 धनराशि का कोषागार से आहरण एकमुश्त न करते हुए आवश्यकतानुसार चरणों में किया जायेगा। धनराशि का आहरण एवं व्यय योजना विषयक गाइड लाइन/दिशा निर्देश तथा इस संबंध में समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा।
 स्वीकृत की गयी धनराशि के विरुद्ध निर्धारित लक्ष्यों के प्राप्त होने व उसके परीक्षण/सत्यापन सुनिश्चित किये जाने का दायित्य आयुक्त, ग्राम्य विकास/  मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा।स्वीकृत धनराशि के नियम संगत व्यय व स्वीकृत धनराशियों के निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा।स्वीकृत  धनराशि को आहरित कर यदि किसी ऐसे खाते में रखा जाता है, जिसमें ब्याज अर्जित होता है, तो अर्जित ब्याज के नियमानुसार समायोजन/निर्धारित लेखाशीर्षक में जमा कराने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन  का होगा। स्वीकृत की  धनराशि से यथावश्यकता सामग्री, उपकरण आदि के क्रय हेतु सामग्री क्रय संबंधी संगत शासनादेशों में निर्धारित क्रय प्रक्रिया / व्यवस्थाओं का अनुसरण करते हुए कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। 
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने निर्देश दिये हैं कि
धनराशि के आहरण एवं व्यय के संबंध में मितव्ययिता संबंधी समय-समय पर निर्गत शासनादेशों एवं वित्तीय नियमों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

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