कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य में योजनाबद्ध ढंग से त्वरित गति से कार्य किया गया :आनंदीबेन पटेल
जनपत की खबर Apr 11, 2021 at 08:56 PM , 469*लखनऊ*
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज राजभवन में कोविड-19 की रोकथाम हेतु आयोजित सर्वदलीय बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि विगत एक वर्ष में कोरोना महामारी से निपटने के लिए राज्य में योजनाबद्ध ढंग से त्वरित गति से कार्य किया गया था। सबके सम्मिलित प्रयासों से कोरोना के फेज-1 की लड़ाई लड़ी गयी और इसमें उत्तर प्रदेश पूरी तरह से सफल रहा। उत्तर प्रदेश ने पूरे देश में कोरोना से जंग में सबसे अच्छा कार्य किया। इससे कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण लगा और केसेज की संख्या नगण्य हो गयी थी।
राज्यपाल ने कहा कि अब कोरोना का वायरस अपना रूप बदलकर फिर से वापस लौटा है, जिससे स्थिति चिंताजनक हो गयी है। अब हमें अपने पुराने अनुभवांे का लाभ लेते हुए कोरोना के फेज-2 को शीघ्र नियंत्रित करना होगा, ताकि इसका फैलाव रुके। उन्होंने कहा कि सुखद यह है कि अब कोरोना का वैक्सीन उपलब्ध है। अतः वैक्सीनेशन कार्य को प्रभावी ढंग से करना होगा। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि कोरोना के फेज-2 की जंग में भी उत्तर प्रदेश प्रथम आयेगा।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना से जंग में राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्कृष्ट कार्य किया गया। मुख्यमंत्री ने कोरोना संक्रमण को रोकने तथा संक्रमित मरीजों को दिये जाने वाले उपचार इत्यादि की स्थिति और प्रगति की जानकारी लेने के लिए प्रदेश के सभी जनपदांे का निरन्तर दौरा किया।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना के फेज-2 संक्रमण से लड़ने के लिए हम सबको प्रयास करने होंगे। लोगांे को कोविड प्रोटोकाॅल मानने के लिए जागरूक करना होगा। ट्रेसिंग, टेस्टिंग और ट्रीटमेन्ट के मंत्र को प्रभावी ढंग से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि लोगों को मास्क पहनने के विषय में भी जागरूक किया जाए और मास्क न पहनने वालों से जुर्माना वसूला जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों एवं काॅलेजों के विद्यार्थियों के वैक्सीनेशन पर विचार किया जाना चाहिए। साथ ही, इनके परिवारों में मौजूद 45 वर्ष तथा इससे ऊपर के सदस्यों का भी वैक्सीनेशन कराया जाना चाहिए। इससे बड़ी संख्या में वैक्सीनेशन हो सकेगा। उन्होंने शहरों की रिहायशी सोसायटियों में ऐसी निगरानी समितियां बनाने का सुझाव दिया, जो अपने सदस्यों की आवश्यकताओं के अनुसार बाजार से खरीदारी कर सामान उन्हें उपलब्ध करा सकें, ताकि बाजारों मंे कम भीड़ हो।
राज्यपाल ने कहा कि लोगोें को अनावश्यक घर से बाहर न निकलने के सम्बन्ध में जागरूक किया जाए। उन्होंने निजी अस्पतालों मंे इलाज की सुविधा तथा इसके शुल्क की वसूली के सम्बन्ध में माॅनीटरिंग व्यवस्था पर बल दिया, ताकि मरीजों का अनावश्यक दोहन न हो। उन्होंने मीडिया को सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते रहने के लिए कहा। सोशल मीडिया की भी माॅनीटरिंग की जाए।
बैठक को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व मंे भारत ने कोरोना के खिलाफ अपनी जंग सफलता से लड़ी है। उनके नेतृत्व का लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिला है। उन्होंने कहा कि कोविड संक्रमण की वर्तमान परिस्थिति से निपटने के लिए सभी को अपनी-अपनी भूमिका जिम्मेदारी से निभानी होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विगत वर्ष जब कोरोना महामारी सामने आयी तब प्रदेश में कोविड टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, परन्तु आज प्रदेश में 02 लाख टेस्टिंग की क्षमता मौजूद है। पिछले वर्ष कोरोना से जंग में प्रदेश में बहुत से कार्य हुए। कोविड संक्रमण की रोकथाम और इसके उपचार के सम्बन्ध मंे अनेक नये कदम उठाए गये। इसके चलते कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में सफलता मिली। संक्रमण कम होने बाद कोरोना केसेज सिर्फ दहाई में ही रिपोर्ट हो रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना का नया वायरस चिंताजनक है, जो तीव्रता से संक्रमण फैला रहा है। लोगों को संक्रमण से बचने के लिए सावधानी बरतनी होगी। कोरोना प्रोटोकाॅल का अनुपालन करना होगा। मास्क अनिवार्य रूप से पहनना होगा। बचाव और सावधानी महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा कोरोना के इस नये रूप से निपटने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। काॅन्टैक्ट ट्रेसिंग और टेस्टिंग बढ़ाई जा रही है। रेलवे स्टेशनों और हवाई अड्डों पर टेस्टिंग की जा रही है। इसी प्रकार फोकस्ड टेस्टिंग पर ध्यान दिया जा रहा है। जनता का सहयोग अपेक्षित है।































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