लखनऊ में ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ का भव्य आगाज, डेयरी सेक्टर से यूपी को ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने का संकल्प

जनपत की खबर , 32

लखनऊ। दुग्धशाला विकास विभाग की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राजधानी लखनऊ के Indira Gandhi Pratishthan में दो दिवसीय ‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath का शुभकामना संदेश पढ़कर सुनाया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव Mukesh Kumar Meshram ने कहा कि डेयरी क्षेत्र रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बन चुका है और प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सरकार दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने तथा किसानों-पशुपालकों की आय में वृद्धि के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभाग आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से किसानों और पशुपालकों को लगातार सशक्त कर रहा है।
दुग्ध आयुक्त Dhanalakshmi K ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना हुआ है। उन्होंने बताया कि अब प्रदेश का डेयरी सेक्टर केवल सहकारी संस्थाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी डेयरियां भी दुग्ध प्रसंस्करण में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध करा रही है।
विभाग ने बताया कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत अब तक 10 हजार से अधिक लाभार्थियों को 84 करोड़ रुपये की अनुदान राशि डीबीटी के माध्यम से दी गई है। वहीं 4 हजार से अधिक प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियों का गठन कर करीब 1.5 लाख दुग्ध उत्पादकों को जोड़ा गया है।
प्रदेश में डेयरी निवेश को लेकर भी बड़ी उपलब्धियां सामने आई हैं। अब तक दुग्ध विकास क्षेत्र में 25 हजार करोड़ रुपये से अधिक के 796 एमओयू किए जा चुके हैं, जिनसे 60 हजार से अधिक रोजगार सृजित होंगे। वहीं ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी-5.0 के तहत 2 हजार करोड़ रुपये की 72 परियोजनाएं शुरू की गईं, जिनसे 4 हजार रोजगार के अवसर बने हैं। इसके अलावा 3 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव भी प्रक्रिया में हैं।
कार्यक्रम में करीब 10 हजार पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और निवेशकों ने भाग लिया। वेबकास्टिंग और लाइव यूट्यूब प्रसारण के जरिए प्रदेश सहित देश-विदेश के लाखों लोगों को भी इस आयोजन से जोड़ा गया।
इस अवसर पर विभाग के कार्यरत और सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं, जबकि सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को यादगार बना दिया।
‘दुग्ध स्वर्ण महोत्सव-2026’ ने यह संदेश दिया कि उत्तर प्रदेश का डेयरी सेक्टर अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनने के साथ-साथ राज्य की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी बन चुका है।

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