यूपी में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें; तेल कंपनियों ने दिया भरोसा

जनपत की खबर , 44

लखनऊ। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं को आश्वस्त करते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है। कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर ईंधन आपूर्ति को लेकर जो स्थिति दिखाई दे रही है, वह पूरी तरह स्थानीय और अस्थायी है तथा इसका प्रदेश में ईंधन की समग्र उपलब्धता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।

तेल कंपनियों के अनुसार, वर्तमान में कुछ क्षेत्रों में मांग और आपूर्ति के अस्थायी असंतुलन तथा बिक्री के बदलते पैटर्न के कारण चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ा है। इसके पीछे कई प्रमुख कारण हैं। फसलों की कटाई के मौसम के चलते डीजल की मांग में मौसमी वृद्धि हुई है। वहीं, कुछ निजी पेट्रोल पंपों पर अपेक्षाकृत अधिक कीमतों के कारण उपभोक्ता बड़ी संख्या में सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे हैं। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के प्रभाव से थोक और संस्थागत आपूर्ति की दरें बढ़ने के कारण बड़े और व्यावसायिक खरीदार भी सार्वजनिक क्षेत्र के पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद रहे हैं।

कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, 1 से 31 मई 2026 के दौरान पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में पेट्रोल की बिक्री में 0.4 प्रतिशत और डीजल की बिक्री में लगभग 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। मांग में लगातार हो रही इस बढ़ोतरी के बावजूद उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है।

तेल कंपनियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश में उनके 12,331 पेट्रोल पंपों का विशाल नेटवर्क संचालित है और आपूर्ति में देरी की घटनाएं केवल बहुत कम संख्या वाले चुनिंदा आउटलेट्स तक सीमित हैं। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन का स्टॉक सामान्य और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

इंडियनऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल ने यह भी कहा कि राज्यभर में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है तथा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जहां कहीं भी स्थानीय स्तर पर दबाव की स्थिति उत्पन्न हुई है, वहां निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

तेल कंपनियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराहट में अनावश्यक ईंधन खरीदारी से बचें। उपभोक्ताओं से यह भी आग्रह किया गया है कि ईंधन उपलब्धता संबंधी जानकारी के लिए केवल अधिकृत एजेंसियों और तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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