उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद का विदेश दौरा :जर्मनी में निवेश संवाद को नई गति

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सेमीकंडक्टर व इलेक्ट्रॉनिक्स सहयोग पर जोर

उत्तर प्रदेश–हेसेन राज्य साझेदारी सुदृढ़ करने पर सहमति


लखनऊ :23 फरवरी 2026


 देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की उत्तर प्रदेश में अधिकाधिक निवेश आकर्षित करने की मंशा के अनुरूप, उत्तर प्रदेश के  उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने फ्रैंकफर्ट, जर्मनी के प्रवास के दौरान विभिन्न औद्योगिक एवं शासकीय प्रतिनिधियों से महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
प्रतिनिधिमंडल ने सुश्री Silke Sichter (ZVEI – ग्लोबल अफेयर्स एंड इकोनॉमिक्स, इंडो-पैसिफिक एवं चाइना अफेयर्स) तथा श्री Markus Schyboll, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, EA Elektro Automatik GmbH से भेंट कर सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत-जर्मनी सहयोग को सशक्त बनाने पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश को एक उभरते वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में प्रस्तुत करते हुए Siemens एवं NXP Semiconductors के विस्तार, बढ़ते निवेशक विश्वास तथा भारत के विशाल उपभोक्ता आधार को रेखांकित किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण आयोजनों में सहभागिता सहित दीर्घकालिक औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने का आमंत्रण दिया।
इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधिमंडल ने Frankfurt Airport क्षेत्र के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, केल्स्टरबाख एवं राउनहाइम के महापौरों तथा इनोवेशन राइनमाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी से भेंट की। बैठक में फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट एवं Noida International Airport के मध्य सहयोग, लॉजिस्टिक्स, डाटा सेंटर, नवाचार एवं औद्योगिक विकास जैसे विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को औपचारिक रूप देने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर सहमति व्यक्त की तथा जर्मन औद्योगिक प्रतिनिधिमंडल के उत्तर प्रदेश दौरे को सुगम बनाने और दीर्घकालिक संस्थागत साझेदारी विकसित करने का निर्णय लिया।प्रतिनिधिमंडल ने Hessen राज्य सरकार के प्रतिनिधिमंडल से भी भेंट की, जिसका नेतृत्व राज्य सचिव सुश्री Karin Müller ने किया। बैठक में द्विपक्षीय सहयोग एवं निवेश के अवसरों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। उत्तर प्रदेश की निवेशक-अनुकूल एफडीआई नीति तथा मेडिकल डिवाइस, वस्त्र, चमड़ा, फुटवियर, सेमीकंडक्टर, रक्षा, आईटी/आईटीईएस, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) एवं 660+ मेगावाट क्षमता वाले डाटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में राज्य की क्षमताओं को रेखांकित किया गया। वहीं, हेसेन की वित्त, रसायन, स्वास्थ्य सेवा, कृषि एवं लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों में वैश्विक विशेषज्ञता को भी सराहा गया।
दोनों पक्षों ने क्षेत्र-विशिष्ट साझेदारियों को आगे बढ़ाने, विशेषज्ञ स्तर की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा राज्य-से-राज्य दीर्घकालिक सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए आगामी बैठकों पर सहमति व्यक्त की।

उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि
हम विशेष रूप से टेक्सटाइल, अपैरल और लेदरः इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर: ग्रेटर नोएडा स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क मल्टी-लोकेशन केमिकल एवं फार्मा पार्क तथा डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत रक्षा एवं एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में जर्मन उद्योगों  का  स्वागत करते हैं, जहाँ समग्र रूप से दर्जनों बिलियन डॉलर के निवेश अवसर उपलब्ध हैं और उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित साझेदारी की व्यापक संभावनाएँ हैं। बताया कि उत्तर प्रदेश सेवा क्षेत्र में भी तेजी से उभर रहा है एवं ITES नीति  के तहत प्रमुख वैश्विक कंपनियाँ संचालन कर रही हैं। राज्य में विकसित हो रहे डेटा सेंटरों की  क्षमता बढ़ी है।विशेष उल्लेखनीय है GCC नीति 2024 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए समर्पित नीति, जो अनुसंधान एवं विकास, उच्च कौशल मानव संसाधन, विश्वविद्यालय-उद्योग सहयोग और पूंजीगत प्रोत्साहनों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को भारत का अग्रणी GCC गंतव्य बना रही है। जर्मन कंपनियों के लिए यह लागत प्रभावी और प्रतिभा-समृद्ध विकल्प है।भारत और यूरोप के बीच संभावित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) एक ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत करता है। भारत विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।उत्तर प्रदेश - भारत का सबसे बड़ा राज्य, सबसे बड़ी युवा आबादी और सबसे बड़ा MSME आधार – जर्मन उद्योगों के लिए एक स्वाभाविक रणनीतिक साझेदार बन सकता है। 
श्री मौर्य ने कहा कि हम विशेष रूप से जर्मन कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश, संयुक्त उपक्रम और प्रौद्योगिकी सहयोग के लिए आमंत्रित करते हैं। यह केवल व्यावसायिक अवसर नहीं, बल्कि दीर्घकालिक, स्थायी और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा। श्री मौर्य ने विश्वास व्यक्त करते हुये कहा कि यह प्रवास उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और सुदृढ़ स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हो रहा है।

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