*गर्मियों में किसी को भी नहीं होनी चाहिए पीने के पानी की किल्लत: जलशक्ति मंत्री*

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*जलशक्ति मंत्री ने जल जीवन मिशन व राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम की समीक्षा*

*जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति से कराएं अवगत*

*सड़क रिस्टोरेशन के बचे कार्यों को मार्च तक पूरा करने के दिए निर्देश*

*जमीनी हकीकत जानने के लिए अधिकारी करें निरीक्षण*

*हर इंजिनियर रोजाना 10 ग्राम प्रधानों से बात कर जलापूर्ति की ले जानकारी*

*किसी भी तरह की समस्या आने पर तुरंत कराया जाए समाधान*

*लखनऊ,23 फरवरी।* 
 
गर्मियों के दौरान गांवों में पेयजल से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या न आए। इसके लिए राज्य सरकार ने तैयारी शुरू कर दी है। इस बाबत सोमवार को उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने जल निगम ग्रामीण मुख्यालय में जल जीवन मिशन और राज्य ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत चल रही परियोजनाओं की समीक्षा की। जलशक्ति मंत्री ने कहा कि गर्मियों के दौरान कहीं भी जलसंकट की समस्या नहीं होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारी अभी से जरूरी तैयारी शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक इंजीनियर रोजाना 10 ग्राम प्रधानों से बात कर पेयजल योजनाओं की जानकारी लें। अगर कोई समस्या आती है, तो उसे तुरंत ठीक कराया जाए। जिससे ग्रामीणों को कोई दिक्कत न आए। 
समीक्षा में जलशक्ति मंत्री ने सड़क रिस्टोरेशन के कार्यों को और तेज करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कें खोदी गई हैं, वहां मार्च अंत तक रिस्टोरेशन कार्यों को पूरा कर लिया जाए। साथ ही आला अधिकारियों को निर्देश कि वो मौके पर जाकर सड़क रिस्टोरेशन के कार्यों का निरीक्षण करें। किसी भी तरह की कमी होने पर कार्यदायी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी जलशक्ति मंत्री ने दिए। समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग अनुराग श्रीवास्तव  मौजूद रहे।   

*जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति से कराएं अवगत* -
      जलशक्ति मंत्री ने कहा कि इंजीनियर जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की प्रगति से अवगत कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा कि इसमें किसी भी तरह का कोई संकोच नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मीडिया को भी योजनाओं के बारे में जानकारी दें। साथ ही जनता से भी संवाद बनाए रखें।  

जल जीवन मिशन के कार्यों पर संतुष्टि जताते हुए जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों और कर्मचारियों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत का ही नतीजा है कि आज बुंदेलखंड और विन्ध्य के गांवों में पेयजल आपूर्ति की समस्या लगभग समाप्त हो गई है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों-कर्मचारियों को आगे भी अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।

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