मतदाता सूची पुनरीक्षण-2026 को पारदर्शी बनाने की तैयारी: लखनऊ में डीईओ व ईआरओ का विशेष प्रशिक्षण

जनपत की खबर , 83

लखनऊ। Navdeep Rinwa ने बताया कि जून और सितंबर 2025 में आयोजित पूर्व प्रशिक्षण में शामिल न हो सके जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) के लिए मंगलवार को एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह प्रशिक्षण Uttar Pradesh Administration and Management Academy (उपाम), लखनऊ में प्रातः 10 बजे से प्रारंभ हुआ। इसमें चित्रकूट, बलरामपुर, बस्ती, हाथरस, श्रावस्ती और कौशांबी सहित छह जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा विभिन्न जनपदों के 55 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने भाग लिया।
पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची पर जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के निर्माण, संशोधन एवं पुनरीक्षण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और समयबद्ध बनाना रहा। सत्रों में संवैधानिक एवं वैधानिक प्रावधानों, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम-1950, निर्वाचक नामावली नियमावली तथा भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।
विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 की कार्यवाही, नोटिस जारी करने की प्रक्रिया, सुनवाई और नियमों के अनुपालन पर विस्तार से चर्चा की गई।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यावहारिक प्रशिक्षण
अधिकारियों को ईआरओ नेट प्रणाली, बीएलओ ऐप और मतदाता सूची प्रबंधन से जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। नाम जोड़ने, हटाने, संशोधन करने और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से संचालित करने के तरीकों की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त, हेल्पलाइन 1950 के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के समाधान, बीएलओ की भूमिका तथा पोलिंग स्टेशनों के युक्तिकरण से जुड़े विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
प्रातःकाल में सैद्धांतिक और अपराह्न में व्यावहारिक सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षण संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों का मूल्यांकन कर प्रशिक्षण की प्रभावशीलता सुनिश्चित की गई।
यह पहल आगामी पुनरीक्षण-2026 को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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