जन भवन में 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन बड़ी संख्या में आमजन ने किया अवलोकन

जनपत की खबर , 114

भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरण एवं तकनीकी प्रदर्शनों ने बढ़ाया आकर्षण

लखनऊः 07 फरवरी 2026
प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा एवं मार्गदर्शन में जन भवन प्रांगण, लखनऊ में 06 फरवरी, 2026 से आयोजित 57वीं प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज बड़ी संख्या में दर्शकों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए प्रतिभागियों द्वारा प्रदर्शित जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से निर्मित भव्य एवं कलात्मक आकृतियों तथा उद्यानिकी नवाचारों को देखने के लिए सुबह से ही दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी।
प्रदर्शनी में ‘वंदे मातरम्’ (बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में), ऑपरेशन सिंदूर थीम पर आधारित सजावट, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत, भारत के संविधान की प्रतिकृति, नंदी एवं शिवलिंग, स्वामी विवेकानंद, राष्ट्रीय ध्वज, बिरसा मुंडा, अहिल्याबाई होल्कर, गुरुकुल पाठशाला, रूफ टॉप गार्डनिंग, समुद्री जीवों की झांकी, तितली, गरुड़, विवाह मंडप, सारस पक्षी जोड़ा, सुदर्शन चक्र एवं शंख सहित अनेक विषयों पर आधारित पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जो प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।
प्रदर्शनी के अंतर्गत आयोजित चिकित्सा शिविर के माध्यम से आगंतुकों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार की सुविधा प्रदान की गई, जिसका बड़ी संख्या में लोगों ने लाभ उठाया।
विशेष रूप से बच्चों, महिलाओं एवं मालियों द्वारा की गई रचनात्मक एवं कलात्मक सज्जाएँ दर्शकों को आकर्षित कर रही हैं। स्कूली बच्चों ने प्रदर्शनी के माध्यम से पौधारोपण, जैविक खेती एवं पर्यावरण संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने आए कृषकों एवं आगंतुकों को विभागीय विशेषज्ञों एवं विभिन्न कृषि विश्वविद्यालयों से आए वैज्ञानिकों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन, हाइड्रोपोनिक्स, मशरूम उत्पादन, छत एवं गमलों में खेती तथा हाईटेक नर्सरी से संबंधित तकनीकी जानकारियाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही बागवानी फसलों से संबंधित साहित्य का निःशुल्क वितरण भी किया जा रहा है।
प्रदर्शनी में प्रदेश के विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजियाँ, मौसमी रंग-बिरंगे पुष्प जैसे पेटूनिया, पैंजी, सिनरेरिया, पालीएन्थस, स्वीट विलियम, एस्टर, गेंदा, गुलाब, डहेलिया, बोगनवेलिया के साथ-साथ कैक्टस, सक्यूलेंट्स, फलदार एवं शोभाकार पौधों की बोनसाई प्रदर्शित की गई हैं। इसके अतिरिक्त निर्यात योग्य पुष्पों जैसे लिलियम, कारनेशन, ट्यूलिप एवं जरबेरा की प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गई हैं।
आगंतुकों की सुविधा हेतु प्रदर्शनी परिसर में फूड ज़ोन एवं निःशुल्क पेयजल की समुचित व्यवस्था की गई है। जन भवन उद्यान में स्थित पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका, कमल ताल, चिड़ियाघर, नवग्रह, राशि, नक्षत्र वाटिका तथा मियावाकी वन भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
जन भवन के छोटे लॉन में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई एवं रोबोटिक तकनीक, औषधीय पौधों के साथ-साथ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा प्रदर्शित ड्रोन, रोबोटिक्स, रक्षा उपकरणों, ब्रह्मोस मिसाइल की प्रतिकृतियों एवं अत्याधुनिक हथियारों ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत एआई एवं रोबोटिक मॉडल, कृषि विश्वविद्यालयों के शोध-आधारित उत्पादों तथा ‘वन जेल वन प्रोडक्ट’ के अंतर्गत प्रदर्शित वस्तुओं की दर्शकों द्वारा भूरी-भूरी प्रशंसा की गई।
यह प्रदर्शनी उद्यानिकी, कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ नवाचार, संस्कृति एवं प्रकृति के सुंदर समन्वय का सशक्त संदेश भी प्रदान कर रही है।
प्रदर्शनी जनसामान्य के अवलोकन हेतु 09 फरवरी, 2026 तक प्रतिदिन खुली रहेगी।
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