गांवों के उत्थान से ही सशक्त होगा राजस्थान, ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जवाबदेही का प्रमाण : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
अन्य खबरे Feb 06, 2026 at 05:08 PM , 103डीडवाना-कुचामन/जयपुर, 6 फरवरी।
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और राज्य सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में आयोजित किए जा रहे ग्राम उत्थान शिविर सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही और पारदर्शिता का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने आमजन से आह्वान किया कि वे इन शिविरों में जाकर सरकारी योजनाओं की जानकारी लें और उनका अधिकतम लाभ उठाएं।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा शुक्रवार को लाडनूं में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर एवं जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राजस्थान का कोई भी किसान, गरीब या पशुपालक जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसी उद्देश्य से प्रत्येक गिरदावर सर्किल स्तर पर ग्राम उत्थान शिविर प्रारंभ किए गए हैं, ताकि ग्रामीणों को घर के समीप ही योजनाओं का लाभ मिल सके।
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण भारत को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के लिए महत्वपूर्ण कानून लागू किए हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिवर्ष 125 दिन का सुनिश्चित रोजगार उपलब्ध होगा। सभी कार्यों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित होगी और मजदूरी सीधे लाभार्थियों के खातों में जमा होगी। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण होगा।
ग्राम उत्थान शिविरों से मौके पर हो रहे कार्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक प्रदेश में 1500 से अधिक ग्राम उत्थान शिविर आयोजित कर 77 लाख से ज्यादा कार्यों का निस्तारण किया गया है। इन शिविरों में 98 हजार से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा 55 हजार से ज्यादा स्वामित्व कार्ड वितरित किए गए। साथ ही 30 हजार किसान क्रेडिट कार्ड के आवेदन, 5 लाख 10 हजार पशुधन का उपचार एवं 77 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत करीब 29 हजार पंजीकरण हुए हैं। किसानों को तारबंदी, डिग्गी, पाइपलाइन, सोलर पंप, फव्वारा सिंचाई जैसी योजनाओं की स्वीकृति के साथ-साथ प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियों का पंजीकरण तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास आवंटन जैसे कार्य भी किए जा रहे हैं।
दो वर्षों में किसानों के लिए ऐतिहासिक कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के दो वर्षों के कार्य, पिछली सरकार के पूरे पांच वर्षों की तुलना में कहीं अधिक हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार ने नहरी तंत्र से 99 हजार 562 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित की, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने अपने पहले दो वर्षों में 17 हजार 448 हेक्टेयर और पूरे कार्यकाल में मात्र 52 हजार 182 हेक्टेयर क्षेत्र में ही सिंचाई सुविधा प्रदान की।
इसी प्रकार, वर्तमान सरकार ने 344 लाख मीटर खेतों में तारबंदी करवाई, जबकि पूर्व सरकार ने पहले दो वर्षों में 8 लाख मीटर और पूरे पांच वर्षों में 113 लाख मीटर तारबंदी करवाई थी। गौशालाओं को सहायता राशि के मामले में भी वर्तमान सरकार ने दो वर्षों में 3 हजार 433 करोड़ रुपये प्रदान किए, जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने दो वर्षों में 934 करोड़ और पूरे कार्यकाल में 3 हजार 117 करोड़ रुपये दिए।
अन्नदाता किसान अर्थव्यवस्था की रीढ़
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता किसान हमारी अर्थव्यवस्था का आधार है। किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रदेश के 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि में वृद्धि, गेहूं पर 150 रुपये बोनस, 50 हजार करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त फसली ऋण, 2 लाख 3 हजार हेक्टेयर में ड्रिप एवं फव्वारा सिंचाई, डिग्गी और फार्म पॉन्ड निर्माण तथा 17 लाख से अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण जैसे कार्य किए गए हैं। उन्होंने किसानों से मृदा परीक्षण कर आवश्यकतानुसार उर्वरकों के उपयोग की अपील की।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का युवा मेहनती है, लेकिन पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं के सपनों को आघात पहुंचा। वर्तमान सरकार ने पूर्ण पारदर्शिता के साथ परीक्षाएं आयोजित की हैं और एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, डेढ़ लाख से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है तथा इस वर्ष एक लाख और पदों का भर्ती कैलेंडर जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि सरकार हर कदम पर उनके साथ है।
मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर डीडवाना-कुचामन जिले को करीब 529 करोड़ रुपये के 71 विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, आधारभूत ढांचे एवं नागरिक सुविधाओं से जुड़े 465 करोड़ रुपये से अधिक के 59 कार्यों का शिलान्यास तथा लगभग 64 करोड़ रुपये के 12 कार्यों का लोकार्पण किया।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्राम उत्थान शिविर का अवलोकन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को चेक एवं प्रमाण-पत्र वितरित किए। कार्यक्रम में राजस्व राज्यमंत्री श्री विजय सिंह चौधरी, किसान आयोग अध्यक्ष श्री सी.आर. चौधरी, विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।



























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