स्टोन मार्ट में माइंस-जियोलॉजी-आरएसएमएम का पेवेलियन बना आकर्षण का केंद्र, राजस्थान की खनिज संपदा से रू-बरू हो रहे देश-विदेशी प्रतिभागी
अन्य खबरे Feb 06, 2026 at 05:25 PM , 151जयपुर, 6 फरवरी।
जेईसीसी सीतापुरा में आयोजित स्टोन मार्ट-2026 में राजस्थान सरकार के खान, भूविज्ञान एवं आरएसएमएम विभाग का पेवेलियन माइनिंग क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों के साथ-साथ देश-विदेश से आए प्रतिभागियों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पेवेलियन में राजस्थान की धरती से प्राप्त होने वाले विभिन्न खनिजों के सैंपल, डिस्प्ले और संदर्भ सामग्री को प्रभावी एवं आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
प्रमुख सचिव, खान एवं भूविज्ञान विभाग श्री टी. रविकान्त ने पेवेलियन का अवलोकन करते हुए यहां प्रदर्शित 40 प्रकार के डायमेंशनल स्टोन्स सहित प्रमुख एवं लघु खनिजों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्टोन मार्ट की प्रस्तुति और संदर्भ सामग्री की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राजस्थान की समृद्ध खनिज संपदा को देश-दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
प्रमुख सचिव श्री रविकान्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेवेलियन पर आने वाले प्रतिभागियों को प्रदेश की खनिज संपदा की उपलब्धता, संभावित भंडार, गुणवत्ता तथा देश-विदेश में इसकी मांग के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान देश-दुनिया के उन प्रमुख क्षेत्रों में शामिल है, जहां निर्माण पत्थरों से लेकर अत्याधुनिक रेयर अर्थ एलिमेंट्स तक के प्रचुर भंडार उपलब्ध हैं। प्रदेश में सोना, चांदी, सीसा, जिंक, तांबा, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की खोज और खनन भी किया जा रहा है। स्टोन मार्ट ऐसे मंच उपलब्ध कराता है, जहां अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी राजस्थान की खनिज संपदा से सीधे रू-बरू हो सकते हैं।
स्टोन मार्ट में माइंस एवं भूविज्ञान विभाग के पेवेलियन पर प्रतिभागियों का उत्साह सहज ही देखने को मिल रहा है। देशी-विदेशी दर्शक प्रदेश के डायमेंशनल स्टोन की बारीकियों को समझने के साथ-साथ खनिजों की विपुलता और विविधता को देखकर अचंभित नजर आ रहे हैं। रेगिस्तानी प्रदेश होने के बावजूद राजस्थान में उपलब्ध समृद्ध खनिज संसाधनों और प्रदर्शित सैंपल्स को देखकर आगंतुकों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
पेवेलियन में प्रदेश में खनन किए जा रहे सभी 57 प्रकार के खनिजों के सैंपल प्रदर्शित किए गए हैं। इसके साथ ही डायमेंशनल स्टोन की स्लैब्स भी प्रदर्शित कर उनकी उपलब्धता और उपयोग की जानकारी दी जा रही है। राज्य में मेटैलिक, नॉन-मेटैलिक तथा फर्टिलाइजर केमिकल खनिजों के विशाल भंडार मौजूद हैं। एक ही प्रदेश में इतनी विविधता देखकर अन्य राज्यों और विदेशों से आए प्रतिभागी आश्चर्यचकित हैं।
अतिरिक्त निदेशक (भूविज्ञान) श्री एस.एन. डोडिया के नेतृत्व में अधीक्षण भूवैज्ञानिक श्री संजय सक्सैना, श्री सुशील हुड्डा, श्री देवेंद्र सिंह, श्री अमित मीणा एवं श्री नवीन बाकोलिया की टीम देशी-विदेशी खरीदारों और आगंतुकों की जिज्ञासाओं का समाधान कर रही है। वहीं, डिस्प्ले बोर्ड के माध्यम से आगंतुकों को सहज और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।
आरएसएमएम के वरिष्ठ प्रबंधक श्री असीम अग्रवाल द्वारा रॉक फॉस्फेट, केमिकल मिनरल्स, लाइमस्टोन, लिग्नाइट सहित अन्य खनिजों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यही कारण है कि माइंस एवं आरएसएमएम के संयुक्त पेवेलियन पर प्रत्येक खनिज के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त करने वालों की निरंतर भीड़ बनी हुई है।



























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