मानव सम्पदा पोर्टल पर संपत्ति विवरण न होने से शिक्षकों का वेतन रोका गया, शासनादेश का हवाला देकर वेतन भुगतान की मांग

जनपत की खबर , 139

लखनऊ।
जनपद के परिषदीय शिक्षकों का जनवरी 2026 का वेतन मानव सम्पदा पोर्टल पर चल-अचल सम्पत्ति का विवरण दर्ज न होने के कारण रोके जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शिक्षकों ने इसे न्याय एवं विधि के विरुद्ध बताते हुए तत्काल वेतन भुगतान की मांग की है।
शिक्षकों का कहना है कि इस संबंध में उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव द्वारा जारी शासनादेश संख्या-26/2025/865 दिनांक 24 नवंबर 2025, शासनादेश संख्या-1/2026/1420 दिनांक 6 जनवरी 2026 तथा शासनादेश संख्या-33 दिनांक 2 फरवरी 2026 में स्पष्ट किया गया है कि मानव सम्पदा पोर्टल पर चल-अचल सम्पत्ति का विवरण केवल राज्य कर्मचारियों द्वारा ही दर्ज किया जाना है।
शासनादेशों में कहीं भी परिषदीय शिक्षकों को संपत्ति विवरण दर्ज करने का निर्देश नहीं दिया गया है। शिक्षकों ने स्पष्ट किया कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षक राज्य कर्मचारी नहीं बल्कि परिषदीय कर्मचारी हैं, इसलिए उन पर यह शर्त लागू नहीं होती। इसके बावजूद कोषाधिकारी, लखनऊ द्वारा वेतन भुगतान पर आपत्ति या रोक लगाना पूरी तरह से अनुचित और असंवैधानिक बताया जा रहा है।
शिक्षकों ने प्रशासन से मांग की है कि जनवरी 2026 का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वेतन भुगतान नहीं किया गया तो जनपद के समस्त शिक्षक मजबूर होकर कोषागार कार्यालय पर “वेतन दो, वेतन दो” के नारे लगाते हुए धरना-प्रदर्शन करेंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

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