*लखनऊ में सिल्क एक्सपो 2026 एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न पुरस्कार समारोह का शुभारंभ*

जनपत की खबर , 128

लखनऊ।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेशम रत्न पुरस्कार समारोह एवं सिल्क एक्सपो 2026 का आज इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के माननीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), वस्त्र, रेशम, हथकरघा एवं खादी ग्रामोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान द्वारा किया गया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव श्री बी. एल. मीणा तथा केंद्रीय रेशम बोर्ड (सीएसबी) के सदस्य सचिव श्री पी. शिवकुमार, आईएफएस सहित राज्य सरकार एवं सीएसबी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर माननीय मंत्री ने केंद्रीय रेशम बोर्ड के नए क्षेत्रीय रेशम अनुसंधान स्टेशन (आरएसआरएस), गोंडा को उत्तर प्रदेश की जनता को समर्पित किया। इस स्टेशन की स्थापना से राज्य में रेशम अनुसंधान, विकास एवं प्रशिक्षण अवसंरचना को सुदृढ़ करने की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है।

अपने संबोधन में श्री राकेश सचान ने केंद्रीय रेशम बोर्ड की इस पहल की सराहना करते हुए सदस्य सचिव, सीएसबी के नेतृत्व की प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नया आरएसआरएस उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा राज्य के हजारों रेशम कृषकों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाएगा।

*उत्तर प्रदेश: रेशम विकास की अपार संभावनाओं वाला राज्य*
केंद्रीय रेशम बोर्ड के सदस्य सचिव श्री पी. शिवकुमार, आईएफएस ने कहा कि उत्तर प्रदेश में रेशम उत्पादन के विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि इन संभावनाओं को साकार करने के लिए किसान-केंद्रित समस्याओं का समाधान, उत्पादकता में वृद्धि तथा आवश्यकता-आधारित क्षेत्रीय अनुसंधान सुविधाओं को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इसी दिशा में सीएसबी द्वारा गोंडा के करनपुर स्थित राजकीय रेशम फार्म में आरएसआरएस की स्थापना की जा रही है, जो उत्तर प्रदेश एवं मध्य भारत के अन्य रेशम उत्पादक राज्यों की अनुसंधान एवं प्रशिक्षण आवश्यकताओं को पूरा करेगा।

इसके उपरांत सदस्य सचिव ने उत्तर प्रदेश सरकार के रेशम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, सीएसबी-सीएसआरटीआई, पम्पोर के निदेशक तथा सीएसबी के वैज्ञानिकों के साथ करनपुर, गोंडा का दौरा कर स्थल निरीक्षण किया और राज्य में रेशम विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आरएसआरएस का औपचारिक उद्घाटन किया।

*पुरस्कार, सहभागिता एवं प्रदर्शनी की झलकियां*
इस कार्यक्रम में लगभग 700 प्रतिभागियों ने सहभागिता की, जिनमें रेशम किसान, बुनकर, रीलर, कारीगर, डिजाइनर तथा राज्य सरकार एवं सीएसबी के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल थे। रेशम क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए छह श्रेणियों में रेशम रत्न पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार प्राप्त करने वालों में डॉ. सरदार सिंह, पूर्व निदेशक, सीएसबी-सीएसआरटीआई, पम्पोर; डॉ. राम लखन राम, वैज्ञानिक-डी; तथा श्री ए. के. मन्ना, सहायक सचिव (तकनीकी) सहित अन्य शामिल रहे, जिन्हें माननीय मंत्री द्वारा सम्मानित किया गया।

सिल्क एक्सपो 2026 में लगभग 55 स्टॉल लगाए गए, जिनमें रेशम उत्पादों, तकनीकों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। एसएमओआई, दिल्ली चैप्टर द्वारा एक विशेष थीम पवेलियन भी स्थापित किया गया, जिसमें केंद्रीय रेशम बोर्ड एवं सिल्क मार्क ऑर्गनाइजेशन ऑफ इंडिया (एसएमओआई) की गतिविधियों एवं पहलों को प्रदर्शित किया गया।

यह आयोजन उत्तर प्रदेश में रेशम पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हुआ तथा राज्य सरकार एवं केंद्रीय रेशम बोर्ड की सतत रेशम विकास एवं किसान कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता को पुनः रेखांकित करता है।

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