एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह ‘गोपालजी’ को बड़ी राहत, EOW की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार—फर्जीवाड़े के आरोप निराधार

जनपत की खबर , 127

नई दिल्ली | विशेष संवाददाता
प्रतापगढ़ से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) कुंवर अक्षय प्रताप सिंह ‘गोपालजी’ और उनके सहयोगियों को दिल्ली की एमपी-एमएलए विशेष अदालत से बड़ी कानूनी राहत मिली है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने उनके खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी एवं जालसाजी के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। जांच में आरोपों के समर्थन में कोई आपराधिक साक्ष्य नहीं पाए जाने की बात EOW ने स्पष्ट रूप से कही है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह मामला फरवरी 2023 में सामने आया था, जब कुंडा विधायक राजा भैया की पत्नी भानवी सिंह ने दिल्ली के ईओडब्ल्यू थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी कंपनी ‘श्री दा प्रॉपर्टीज प्राइवेट लिमिटेड’ में कथित रूप से उनके फर्जी डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग कर अवैध रूप से शेयरों का हस्तांतरण किया गया और कंपनी पर कब्जा करने का प्रयास हुआ।
किसे मिली राहत
EOW की क्लोजर रिपोर्ट के बाद अक्षय प्रताप सिंह सहित मामले में नामजद सभी व्यक्तियों को राहत मिली है। इनमें अनिल कुमार सिंह, इंद्रदेव पटेल, उमेश कुमार निगम, हरिओम शंकर, रामदेव यादव और अरुण रस्तोगी शामिल हैं। शिकायत में इनके विरुद्ध आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे।
जांच का निष्कर्ष
EOW ने कंपनी से जुड़े दस्तावेजों, डिजिटल हस्ताक्षरों और अन्य तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि जालसाजी या धोखाधड़ी के कोई ठोस प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। इसी आधार पर क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई, जिसे अदालत में प्रस्तुत किया गया।
कानूनी जानकारों के अनुसार, क्लोजर रिपोर्ट दाखिल होने से मामले में आरोपियों को महत्वपूर्ण राहत मिली है और आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुरूप होगी।

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