यूपी में संपत्ति रजिस्ट्री होगी और सुरक्षित, 1 फरवरी 2026 से लागू होगा आधार प्रमाणीकरण: रवींद्र जायसवाल

जनपत की खबर , 138

लखनऊ।
स्टाम्प तथा पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने विधान भवन में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान विभाग से संबंधित दस्तावेजों के ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा और उसमें किए गए महत्वपूर्ण सुधारों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 28 अगस्त 2025 को हुई स्टाम्प एवं पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक में संपत्ति पंजीकरण के दौरान छद्म व्यक्तियों द्वारा की जाने वाली फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से आधार प्रमाणीकरण लागू करने के निर्देश दिए गए थे।
इन निर्देशों के क्रम में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 की धारा-69 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उत्तर प्रदेश ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2024 को प्रवृत्त किया गया है।
इस नियमावली के तहत दस्तावेजों के पंजीकरण के समय आधार संख्या धारकों की पहचान ई-केवाईसी (e-KYC) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर एवं आधार ई-हस्ताक्षर को ई-निष्पादन (e-Execution) की परिभाषा में सम्मिलित किया गया है।
राज्य मंत्री ने बताया कि आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था 1 फरवरी 2026 से प्रभावी रूप से लागू की जाएगी, जिससे संपत्ति पंजीकरण के दौरान पक्षकारों एवं गवाहों की पहचान का सत्यापन सुनिश्चित हो सकेगा।
उन्होंने कहा कि आधार प्रमाणीकरण लागू होने से कई महत्वपूर्ण लाभ होंगे। इससे फर्जी एवं छद्म व्यक्तियों द्वारा की जाने वाली रजिस्ट्रियों पर प्रभावी रोक लगेगी, पंजीकरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा भूमि और संपत्ति से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आएगी।
इसके साथ ही यह व्यवस्था डिजिटल पंजीकरण प्रणाली को और सशक्त बनाएगी, विधिक विवादों एवं न्यायालयीन वादों में कमी लाएगी, राज्य सरकार के डिजिटल गवर्नेंस लक्ष्यों की पूर्ति करेगी और अंततः नागरिकों के हितों का बेहतर संरक्षण सुनिश्चित करेगी।

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