गणतंत्र दिवस पर इरम एजुकेशनल सोसाइटी की भव्य झांकी, ‘नया भारत–आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत’ का देगी संदेश

जनपत की खबर , 115

लखनऊ। 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर इरम एजुकेशनल सोसाइटी द्वारा “नया भारत–आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत” की संकल्पना पर आधारित एक भव्य, आकर्षक एवं संदेशपरक झांकी प्रस्तुत की जाएगी। इसी क्रम में झांकी की रूपरेखा और उद्देश्य को लेकर सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता सोसाइटी के प्रबंधक ख़्वाजा बजमी यूनुस ने की।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए ख़्वाजा बजमी यूनुस ने बताया कि यह झांकी आधुनिक भारत की निरंतर प्रगति, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र की बढ़ती शक्ति का सशक्त प्रतीक होगी। झांकी के अग्रभाग में भारत माता का दिव्य स्वरूप देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति की भावना को दर्शाएगा। वहीं, तेज़ रफ्तार मेट्रो रेल और वंदे भारत एक्सप्रेस आधुनिक भारत के उन्नत परिवहन तंत्र और मजबूत बुनियादी ढांचे की कहानी बयां करेंगी।
झांकी में इसरो की ऐतिहासिक उपलब्धियों को भी विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है, जिसमें सौर ऊर्जा और अंतरिक्ष विज्ञान के माध्यम से भारत की वैज्ञानिक क्षमता और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को दर्शाया जाएगा। यह दृश्य वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती पहचान और वैज्ञानिक सामर्थ्य का प्रतीक होगा।
इसके अतिरिक्त झांकी में “ऑपरेशन सिंदूर” को भी सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो देश की सुरक्षा, साहस और भारतीय सेना के शौर्य को दर्शाता है। इसके माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि भारत न केवल विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर स्तर पर पूरी तरह सक्षम और सजग है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपस्थित गणमान्य नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए बजमी यूनुस ने कहा कि इरम एजुकेशनल सोसाइटी शिक्षा के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह झांकी नई पीढ़ी को प्रेरणा देने के साथ आत्मनिर्भर और विकसित भारत के संकल्प को और अधिक मजबूत करेगी।
अंत में उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि वे 26 जनवरी को आयोजित होने वाली इस भव्य झांकी को देखने अवश्य आएं और गणतंत्र दिवस को राष्ट्रीय एकता, गौरव और उत्साह के साथ मनाएं।

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