86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन के दूसरे दिन तकनीक, क्षमता-वृद्धि और जवाबदेही पर मंथन
अन्य खबरे Jan 20, 2026 at 07:30 PM , 88नई दिल्ली/लखनऊ, 20 जनवरी, 2026। लखनऊ में आयोजित 86वें अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) का दूसरा दिन मंगलवार को तीन प्रमुख विषयों पर गहन विचार-विमर्श के साथ संपन्न हुआ। इन विषयों में पारदर्शी, कुशल एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग, विधायकों की क्षमता-वृद्धि के माध्यम से कार्यकुशलता में सुधार एवं लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करना तथा जनता के प्रति विधायिकाओं की जवाबदेही शामिल रहे।
पूर्ण सत्रीय चर्चाओं में लोक सभा के अध्यक्ष श्री ओम बिरला उपस्थित रहे, जबकि राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने चर्चाओं का संचालन किया।
सभा को संबोधित करते हुए लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने देशभर की विधायिकाओं में अपनाई जा रही सर्वोत्तम प्रक्रियाओं को उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली में समाहित करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष श्री सतीश महाना के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विधायकों की शैक्षणिक योग्यताओं और पेशेवर अनुभवों को पहचानकर उनके रचनात्मक उपयोग की दिशा में की गई पहल की भी प्रशंसा की।
पूर्ववर्ती AIPOC सम्मेलनों के प्रमुख विमर्शों का उल्लेख करते हुए श्री बिरला ने उत्कृष्टता, नवाचार और प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग जैसे मानकों पर राज्य विधायिकाओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को आवश्यक बताया। इस क्रम में उन्होंने वर्ष 2019 में देहरादून में आयोजित AIPOC सम्मेलन की चर्चाओं का उल्लेख करते हुए राज्य विधायिकाओं की कार्यकुशलता और कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर अपने दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि इस दिशा में एक समिति का गठन किया गया है, जो देश में विधायी निकायों की प्रक्रियाओं और प्रथाओं के मानकीकरण से जुड़े विषयों पर विचार कर रही है।
राज्य सभा के उपसभापति श्री हरिवंश ने विधान मंडलों की कार्यकुशलता बढ़ाने में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने एआई को प्रभावी और विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक कदमों का उल्लेख करते हुए संसद में इसके व्यावहारिक उपयोग और क्रियान्वयन के विभिन्न पहलुओं को रेखांकित किया। साथ ही उन्होंने संसद और राज्य विधान मंडलों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे संस्थागत ज्ञान का साझा उपयोग अधिक प्रभावी ढंग से किया जा सके।
सम्मेलन का तीसरा और अंतिम दिन 21 जनवरी, 2026 को आयोजित होगा। इस अवसर पर लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला समापन संबोधन देंगे। समापन समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे और सम्मेलन को संबोधित करेंगे।



























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