*दावोस 2026 में उत्तर प्रदेश ने स्वच्छ ऊर्जा, एआई और रक्षा विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण समझौते किए*

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दावोस, 19 जनवरी:
उत्तर प्रदेश सरकार का प्रतिनिधिमंडल, माननीय वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना के नेतृत्व में, विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक 2026, दावोस की शुरुआत वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने और रणनीतिक निवेश सुनिश्चित करने के स्पष्ट लक्ष्य के साथ कर रहा है। राज्य की निवेश प्रोत्साहन  एजेंसी इन्वेस्ट यूपी के समन्वय में प्रतिनिधिमंडल ने उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लिया और महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिससे भारत के सबसे फ्यूचर-रेडी निवेश गंतव्यों में उत्तर प्रदेश की स्थिति और सशक्त हुई है।

स्वच्छ और सतत ऊर्जा की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार ने सेल इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (SAEL Industries Ltd) के साथ ₹8,000 करोड़ का करार (MoU) किया है। इसके तहत राज्य में 500 मेगावाट क्षमता वाले कृषि अपशिष्ट-से-ऊर्जा (Agriculture Waste-to-Energy) संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। समझौते के अनुसार, सेल लगभग 20 बायोमास पावर प्लांट लगाएगी, जिनमें प्रत्येक की क्षमता 25 मेगावाट होगी। ये संयंत्र मुख्य रूप से धान उत्पादन वाले 16 चिन्हित जिलों में स्थापित किए जाएंगे। इन प्लांटों में पराली/धान के अवशेष जैसी कृषि अपशिष्ट सामग्री का उपयोग बिजली उत्पादन के लिए किया जाएगा। इससे नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ पराली प्रबंधन की चुनौती के समाधान में भी मदद मिलेगी।

राज्य के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सिफी टेक्नोलॉजीज़ (Sify Technologies) के साथ ₹1,600 करोड़ के निवेश हेतु MoU किया है। नैस्डैक में सूचीबद्ध वैश्विक डिजिटल सेवा प्रदाता साइफी ने नोएडा में एआई-रेडी, रिन्यूएबल एनर्जी आधारित डेटा सेंटर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है, जिसमें उन्नत एयर-कूलिंग तकनीक के माध्यम से पानी की खपत को काफी हद तक कम किया जाएगा। प्रस्ताव में इस सुविधा के आसपास “एआई सिटी” विकसित करने की योजना भी शामिल है। कंपनी 5 एकड़ भूमि की संभावनाएं तलाश रही है तथा गूगल और मेटा जैसे वैश्विक टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ सहयोग और स्टारलिंक कनेक्टिविटी के एकीकरण पर भी विचार कर रही है। साथ ही साइफी ने कृषि-तकनीक, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला स्वास्थ्य और कानून-व्यवस्था जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में एआई आधारित समाधान लागू करने पर चर्चा की, जो उत्तर प्रदेश के तकनीक-आधारित विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप है।

एक अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने योमन (Yeoman) के साथ ₹150 करोड़ के निवेश के लिए MoU किया है, जो वेपन सिस्टम इंटीग्रेशन और विनिर्माण से संबंधित है। यह साझेदारी स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को मजबूती देने, तकनीकी हस्तांतरण को प्रोत्साहित करने और कुशल रोजगार के अवसर सृजित करने में सहायक होगी। साथ ही यह रक्षा एवं एयरोस्पेस विनिर्माण में उत्तर प्रदेश की बढ़ती भूमिका को और सुदृढ़ करेगी।

ये करार स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में प्रभावी सहयोग विकसित करने की उत्तर प्रदेश सरकार की केंद्रित और दूरदर्शी रणनीति को दर्शाते हैं। मजबूत नीतिगत समर्थन, तेजी से बेहतर होते बुनियादी ढांचे और इन्वेस्ट यूपी की सक्रिय सुविधा व्यवस्था के साथ उत्तर प्रदेश लगातार वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रहा है, जो भारत की विकास यात्रा में साझेदारी के लिए उत्सुक हैं।

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