धान खरीद व खाद्य सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा, मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा ने दिए कड़े निर्देश

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लखनऊ। राज्यमंत्री, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार सतीश चन्द्र शर्मा की अध्यक्षता में धान खरीद की तैयारियों तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक विपणन एवं आपूर्ति शाखा के निदेशालय स्तर के अधिकारियों के साथ आयोजित की गई।
बैठक में प्रमुख सचिव रणवीर प्रसाद, आयुक्त श्रीमती अनामिका सिंह, अपर आयुक्त (स्थापना) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव, वित्त नियंत्रक कमलेन्द्र कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक अशोक कुमार पाल सहित खाद्य एवं रसद विभाग तथा धान क्रय संस्थाओं के प्रदेश स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
आपूर्ति शाखा से संबंधित प्रमुख बिंदु:
मंत्री को अवगत कराया गया कि प्रदेश सरकार द्वारा अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण हेतु किए गए ₹200 करोड़ के वित्तीय प्राविधान के सापेक्ष अब तक 74 जनपदों से जिलाधिकारी द्वारा हस्ताक्षरित कार्य योजनाएं प्राप्त हो चुकी हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 49 जनपदों द्वारा विभागीय बजट से कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि हस्तांतरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रथम चरण में अक्टूबर 2025 के प्रारंभ से निःशुल्क गैस सिलेंडर रिफिल की डिलीवरी का कार्य प्रगति पर है।
विवाहित महिलाओं के यूनिट स्थानांतरण से संबंधित कुल 7,316 प्रकरण प्राप्त हुए हैं, जिन पर कार्रवाई जारी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत लंबित आवेदनों की जांच कर पात्र लाभार्थियों को राशन कार्ड जारी किए जा रहे हैं। राज्य स्तर पर अब तक 92.09 प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी पूर्ण हो चुकी है।
नवंबर 2025 में आवश्यक वस्तुओं के वितरण में अनियमितता के मामलों में 36 उचित दर विक्रेताओं पर एफआईआर, 60 के अनुबंध निलंबित तथा 133 के अनुबंध निरस्त किए गए। इसके साथ ही शासन के पक्ष में ₹28.31 लाख की प्रतिभूति धनराशि जब्त की गई।
मंत्री के निर्देश:
रिक्तियों के सापेक्ष पात्र लाभार्थियों का शीघ्र सत्यापन कर नवीन राशन कार्ड निर्गत किए जाएं।
नए राशन कार्डों का वितरण जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए।
विदेश में कार्यरत एवं आय सीमा से अधिक आय वाले अपात्र व्यक्तियों तथा मृत लाभार्थियों के राशन कार्ड निरस्त किए जाएं।
विवाह पश्चात महिलाओं की यूनिट उनके ससुराल में शीघ्र जोड़ी जाए।
शत-प्रतिशत लाभार्थियों की ई-केवाईसी अनिवार्य रूप से पूर्ण कराई जाए।

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