श्रम एवं सेवायोजन विभाग की दो वर्षीय कार्ययोजना पर मंथन, 2027 तक बालश्रम मुक्त प्रदेश का लक्ष्य: अनिल राजभर
जनपत की खबर Dec 20, 2025 at 04:02 PM , 139लखनऊ, 20 दिसम्बर 2025।
श्रम एवं सेवायोजन मंत्री श्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में विधान भवन स्थित सभाकक्ष-80 में श्रम एवं सेवायोजन विभाग की आगामी दो वर्षों की भविष्योन्मुखी प्रस्तावित कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यमंत्री श्री मनोहर लाल (मन्नू कोरी) भी उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अनिल राजभर ने श्रमिक हितकारी योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि जनपद, तहसील, विकासखण्ड मुख्यालयों एवं बस स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग, बैनर व स्टैण्डी के माध्यम से योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लोक संकल्प पत्र के अनुरूप सभी विभागीय कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का संकल्प है कि वर्ष 2027 तक उत्तर प्रदेश को बालश्रम से मुक्त किया जाए, जिसके लिए विशेष प्रयास आवश्यक हैं। साथ ही प्रत्येक कार्ययोजना के लिए समय-सीमा तय कर बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनपदों में स्थापित लेबर अड्डों के समुचित विकास, वहां पेयजल व छांव की व्यवस्था, तथा सराय योजना को गति देते हुए शीघ्र शिलान्यास कराने पर बल दिया। मंत्री ने विभाग द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए प्रमुख सचिव सहित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी और आगे भी इसी गति से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
बैठक में श्रम विभाग की आगामी दो वर्षों की कार्ययोजना के अंतर्गत कारखानों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल एवं तेज करने, महिला कर्मकारों को सैनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने, सेफ्टी ऑडिट को मान्यता देने, कर्मकारों को नियुक्ति पत्र देने तथा कार्यस्थल सुरक्षा व स्वास्थ्य मानचित्र के सुदृढ़ीकरण जैसे बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
सेवायोजन विभाग की कार्ययोजना में उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन के अंतर्गत देश-विदेश में रोजगार के अवसर बढ़ाने, 50 हजार अभ्यर्थियों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने, विभिन्न देशों से एमओयू करने, लखनऊ में इंटीग्रेटेड फैसिलिटेशन सेंटर की स्थापना तथा दो वर्षों में लगभग 6 लाख अभ्यर्थियों को देश में और 50 हजार को विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अतिरिक्त भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं, मोबाइल स्वास्थ्य सुरक्षा, जीआईएस सर्वेक्षण, श्रमिक बच्चों के लिए पुस्तकालय व छात्रावास तथा न्यूनतम दरों पर पोषण आहार उपलब्ध कराने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में प्रदेश में 12 नए औषधालय एवं 5 कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालयों की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुग सुन्दरम ने मंत्रीगणों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विभाग की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी दी।
बैठक में विशेष सचिव कुणाल सिल्कू एवं नीलेश कुमार सिंह, श्रमायुक्त श्री मारकण्डेय शाही, निदेशक सेवायोजन नेहा प्रकाश सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।































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