आउटसोर्स बिजली कर्मियों की छंटनी व वेतन अनियमितताओं के खिलाफ लखनऊ में प्रदर्शन, 20 दिसंबर से जिला मुख्यालयों पर आंदोलन का ऐलान

जनपत की खबर , 123

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा अपने ही आदेशों का उल्लंघन करते हुए 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों के परिचालन एवं अनुरक्षण कार्य में तैनात हजारों आउटसोर्स कर्मचारियों की छंटनी किए जाने के विरोध में संगठन द्वारा 26 नवंबर 2025 को शक्ति भवन, लखनऊ में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया गया।

आरोप है कि प्रबंधन ने अपने आदेश दिनांक 15 मई 2017 एवं 18 सितंबर 2025 का पालन नहीं किया। आउटसोर्स कर्मचारियों से कार्य के अनुरूप अनुबंध नहीं किए गए, ₹18,000 न्यूनतम वेतन निर्धारित नहीं किया गया, मार्च 2023 में हटाए गए कर्मचारियों को पुनः कार्य पर नहीं लिया गया तथा घायल कर्मचारियों का कैशलेस इलाज कराने एवं उपचार में हुए खर्च का भुगतान संविदाकारों के बिल से नहीं किया गया।

इसके अतिरिक्त 55 वर्ष की आयु का हवाला देकर अनुभवी कर्मचारियों को हटाने, वर्टिकल व्यवस्था लागू करने, जांच रिपोर्ट के बावजूद भ्रष्ट ठेकेदारों पर कार्रवाई न करने, मीटर रीडरों को न्यूनतम वेतन न देने तथा स्मार्ट मीटर लगाए जाने की स्थिति में कर्मचारियों को कार्य से हटाने का भी संगठन ने विरोध किया।

संघ के प्रदेश महामंत्री देवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रशासन की उपस्थिति में पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन एवं संगठन पदाधिकारियों के बीच हुई वार्ता के बावजूद सहमति का कार्यवृत्त जारी नहीं किया गया। साथ ही मानक समिति की रिपोर्ट आने से पहले ही पूर्वांचल डिस्कॉम में पुनः छंटनी शुरू कर दी गई।

इन परिस्थितियों को देखते हुए संगठन ने 20 दिसंबर से प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करने तथा 12 जनवरी 2026 को ऊर्जा मंत्री से उनके लखनऊ स्थित आवास पर मुलाकात कर आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत कराने का निर्णय लिया है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से बड़ी संख्या में बिजली आउटसोर्स कर्मचारी शामिल होंगे।

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