आरटीओ की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा

जनपत की खबर , 239

डीएम के छापेमारी के दौरान पुलिस ने जिसे पकड़ा उसे कोर्ट ने किया बरी, बिना सबूतों एवं प्रमाणों के पुष्टि पर कार्यवाही करने पर पुलिस को फटकार लगाई थी। 

ए के दुबे
लखनऊ। राजधानी के आरटीओ कार्यालय में बीते एक माह पूर्व डीएम ने औचक निरीक्षण किया था यहां कार्यालय के सामने स्थित काम्पलेंक्स में बिना लाइसेंस के जनसेवा केंन्द्रो के चलते पाए जाने पर काम्प्लेक्स सील करा दिया था साथ ही कार्यालय के अंदर कार्य करने आए आवेदकों से पूछताछ की और कार्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से 15 दोनों की सीसीटीवी फुटेज देने के साथ ही आम जनमानस को परिवहन विभाग की सभी फेसलेस सेवाएं पारदर्शी तरीके से मुहैया कराने के निर्देश दिए थे इस दौरान आरटीओ संजय तिवारी, एआरटीओ प्रशासन पी के सिंहके साथ विष्णु कुमार मौजूद रहे।
बता दें डी.एम विशाख जी के निर्देशों का पालन करते हुए आरटीओ कार्यालय के अधिकारियों द्वारा 30 संदिग्ध लोगों  के सीसीटीवी फुटेज सरोजनीनगर पुलिस कुछ शॉप कार्यवाही करनेके लिए पत्र लिखा गया था। जिसके बादपुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए छानबीन शुरू कर दी और रविवार को अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। वहीं परिवहन विभाग के अधिकारियों ने आरटीओ प्रशासन संजय तिवारी को कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसके बाद ही संभागीय निरीक्षकों ने दलालों की सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर पुलिस को सौंपी थीं।
उपनिरीक्षक अमरदीप अवस्थी ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। 
इस संबंध में जब सरोजिनी नगर थाना प्रभारी से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आरटीओ कार्यालय द्वारा हमें 30 संदिग्ध लोगों का सीसीटीवी फुटेज सौंपा गया है जिसके आधार पर सीसीटीवी फुटेज की तस्वीरों में लोगों के चेहरे धुंधले और स्पष्ट नहीं दिखाई देने से पहंचान कर पाना मुश्किल है। मामले की छानबीन चल रही तस्वीरों में कुछ लोगों की पहचान हुई और स्पष्ट हुआ कि कार्य कराने के नाम पर वह आवेदकों के साथ धोखाधड़ी करके उनसें अवैध रकम वसूलतें है और लोगों को गुमराह करने का कार्य करते हैं तो उनके खिलाफ विधिक करवाई की जायेगी। वहीं आरटीओ चौकी प्रभारी नीरज कुमार ने जानकारी दी कि अभी डीएम के छापेमारी के दौरान पुलिस ने जिसको पकडा गया था उसे कोर्ट द्वारा बिना सबूतों एवं प्रमाणों की पुष्टि के कार्यवाही करने पर पुलिस को फटकार लगाई थी। सीसीटीवी फुटेज में जब तक लोगों के चेहरों के पहंचान के साथ उनके खिलाफ ठोस प्रमाणों के आधार पर विवेचना करके विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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