विद्याधर व्यास की गायकी, बनाश्री राव का कथक और नवदीप वडाली के सुरों की सजेगी महफिल

जनपत की खबर , 240

लखनऊ: 13 फरवरी, 2025 

महाकुंभ में आयोजित ‘संस्कृति का महाकुंभ’ अपनी सांस्कृतिक विविधता और कला के सबरंग से श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। गत 13 जनवरी से संस्कृति विभाग की ओर से सजाए गए 24 मंचों और 4 पाण्डालों में सुर, संस्कृति, सभ्यता एवं विविधता में एकता के रंग देखने को मिल रहे हैं। गंगा, यमुना, सरस्वती और त्रिवेणी पाण्डालों में देश के अलग-अलग राज्यों से आए कलाकार वादन, नृत्य, नाट्य जैसी कलाओं की छठा बिखेर कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर रहे हैं 
यह जानकारी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने देते हुए बताया कि इसी कड़ी में मेला क्षेत्र के सेक्टर-1 में सजे गंगा पाण्डाल में 14 फरवरी को श्रद्धालु एवं पर्यटक नवदीप वडाली के मधुर संगीत का आनंद उठा पाएंगे, तो वहीं कुचुपुड़ी नृत्य की विभिन्न कलाओं से सभी को मोहित करने के लिए आ रही हैं बनाश्री राव और शास्त्रीय गायन के सुर-ताल से परिचित कराने के लिए आ रहे हैं विद्याधर व्यास जी। मशहूर सूफी गायक एवं कव्वाल पूरनचन्द वडाली के पौत्र नवदीप वडाली ने 19 साल की उम्र में ही इण्यिन आइडल में अपनी गायकी से लोगों को दीवाना बना दिया था। तब से लेकर अब तक मंच पर पहुंचने के बाद सुर, लय और ताल के संगम से नवदीप ने समां बाधा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि बनाश्री राव लगभग 30 सालों से विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने नृत्य की प्रस्तुति से सबका मन मोह रहीं हैं। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बनाश्री राव कुचुपुड़ी डांस अकादमी में स्वयं शिक्षण का कार्य भी कर रही हैं। उन्होंने बताया कि संस्कृति के संगम में डुबकी लगाने के लिए दर्शक और श्रोताओं की पंक्ति में सभी श्रद्धालुओं का इंतज़ार है। 

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